भ्रष्टाचार पर TSR की सर्जिकल स्ट्राइक, आधे दर्जन विभागों के होंगे स्पेशल ऑडिट ।Postmanindia

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उत्तराखंड में जीरों टोलरेंस का नारा देने वाली त्रिवेंद्र सरकार ने ऊर्जा समेत लगभग 6 बड़े विभागों में स्पेशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर वित्त विभाग ने इसके लिए बाक़ायदा आदेश भी जारी कर दिए हैं. ऐसे में त्रिवेंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के साफ़ संकेत दे दिए हैं. दरअसल राज्य सरकार ने ऊर्जा के तीन निगमों, कोरोनेशन अस्पताल, सभी 13 जिलों में खनिज न्यास और अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत सीटी संवर्ग के शिक्षकों के संविलियन और वेतन निर्धारण में गड़बड़ी का स्पेशल ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं.

यह सभी ऑडिट बक़ायदा हाई रिस्क श्रेणी में रखे गए हैं. इसके अलावा पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से अब तक श्री बद्री केदार मंदिर समिति का भी स्पेशल ऑडिट होगा. हाय रिस्क ऑडिट में फ़िलहाल 6 मामले शामिल किए गए हैं. वित्त सचिव अमित नेगी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. आपको बता दें विभिन्न विभागों की ओर से अपने अधीनस्थ आहरण वितरण अधिकारियों के कारणों का स्पेशल ऑडिट करने के संबंध में वित्त महकमे को पत्र भेजे थे.

सीएम कार्यालय और आवास में माफिया या यूं कहें दलाल जो लाइजनिग ऑफीसर सरकार से काम कराते थे. उनसे हमने इन कार्यालयों को मुक्त कराया है. सीएम के अनुसार भ्रस्टाचार तब पकड़ लिया में आता है जब ऑडिट होता है इसलिए हमने ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं.

त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

देहरादून, उत्तरकाशी, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में खनिज न्यास का स्पेशल ऑडिट होगा. इसके साथ ही ऊर्जा महकमे के तहत ऊर्जा विभाग, ऊर्जा पारेषण निगम और जल विद्युत निगम में गड़बड़ियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्पेशल ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं. उसके बाद ऊर्जा सचिव की ओर से इस संबंध में वित्त से स्पेशल ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया था जिसके आदेश जारी कर किए जा चुके हैं.


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