नई दिल्ली। लोकसभा में आज लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा हुई। विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में दस वर्ष तक की कैद, दस करोड़ रुपये तक के जुर्माने और दोषियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। साथ ही, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने, दो महीने में जांच और तीन महीने में मुकदमे का निपटारा सुनिश्चित करने का भी प्रावधान किया गया है।
विधेयक पेश करते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लाया गया है।
चर्चा में कांग्रेस के गौरव गोगोई ने विधेयक को अपर्याप्त बताते हुए शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की मांग की। भाजपा की बांसुरी स्वराज ने विधेयक को परीक्षा माफिया पर प्रभावी कार्रवाई की दिशा में अहम कदम बताया। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक तथा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी में आउटसोर्सिंग का मुद्दा उठाया। तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने निष्पक्ष परीक्षा के लिए सख्त कानून का समर्थन किया। डीएमके के दयानिधि मारन ने नीट पर सवाल उठाए, जबकि टीडीपी के लावु श्रीकृष्ण देवरायलु ने कोचिंग संस्थानों में सुधार और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया के विकेंद्रीकरण की मांग की।
शिवसेना के डॉ. श्रीकांत शिंदे ने विधेयक का समर्थन किया। कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर छात्रों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उनके बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और किरण रिजिजू ने आपत्ति जताई। भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था पर जोर दिया। एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले ने शिक्षा सुधारों पर संयुक्त संसदीय समिति गठित करने और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया।
चर्चा में बीजेपी के अनुराग ठाकुर और शशांक मणि, कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल, सी.पी.आई(एम) के एस. वेंकटेशन, वाई.एस.आर.सी.पी के गुरुमूर्ति मद्दीला, आरजेडी के अभय कुमार सिन्हा, भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग सांसद ई. टी. मोहम्मद बशीर, जेएमएम के विजय कुमार हासदक, सी.पी.आई सांसद के. सुब्बारायण, जेडी(एस) के एम. मल्लेश बाबू, ए.आई.एम.आई.एम के असदुद्दीन ओवैसी और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल सहित कई सदस्यों ने भी भाग लिया। हालांकि, विधेयक पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

















