25.8 C
Dehradun
Thursday, August 13, 2026


spot_img

संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 किया पारित

नई दिल्ली। संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है। सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में और संशोधन करना है। यह विधेयक राज्य सरकारों को सहकारी विकास में लगी किसी भी संस्था को निगम से निधि प्रदान करने की भी अनुमति देता है। निगम किसी भी सहकारी समिति या सहकारी विकास में लगी संस्था को सीधे ऋण और अनुदान भी प्रदान कर सकता है।

चर्चा का उत्तर देते हुए श्री मोहोल ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से देश भर के करोड़ों किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम- एन.सी.डी.सी की स्थापना देश में सहकारी क्षेत्र के संगठित और सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। श्री मोहोल ने कहा कि 1963 में एन.सी.डी.सी की स्थापना से लेकर 2014 तक, पिछली सरकार ने केवल लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी। हालांकि, 2014 से लेकर पिछले 12 वर्षों में वित्तीय सहायता बढ़कर लगभग चार लाख करोड़ रुपये हो गई है।

श्री मोहोल ने कहा कि आज देश में आठ लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे लगभग 3 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है और उन्हें लगभग 25 विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने में सक्षम बनाया गया है। श्री मोहोल ने बताया कि सहकारी क्षेत्र को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन प्रदान करने के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। श्री मोहोल ने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 17 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र में 163 से अधिक प्रमुख पहलें की गई हैं।

भाजपा के डॉ. रामराव वाडकुटे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने सहकारी समितियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से सशक्त बनाया गया है।

विधेयक का समर्थन करते हुए, वाईएसआरसीपी के गोल्ला बाबूराव ने कहा कि एन.सी.डी.सी का विस्तार एक स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से डेयरी और मत्स्य पालन सहित कई क्षेत्रों को अधिक पूंजी और आधुनिक अवसंरचना मिलेगी।

जनता दल (यूनाइटेड) के संजय कुमार झा ने विधेयक का समर्थन किया। श्री झा ने कहा कि विधेयक से न केवल उत्पादों को बल्कि भंडारण और मूल्य श्रृंखला को भी समर्थन मिलेगा। तेलुगु देशम पार्टी के विजय चिंतकयाला और शिवसेना की ज्योति वाघमारे ने भी विधेयक के समर्थन में बात की।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लोकसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा

0
नई दिल्ली। लोकसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया। इस विधेयक का उद्देश्य...

राज्य संपत्तियों के विकास को रफ्तार, टिहरी हाउस में 28 आवास, नवी मुंबई के...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश की सरकारी संपत्तियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने...

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की, कार्यों को निर्धारित समयसीमा...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव तथा आगामी...

नकली पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर सरकार का शिकंजा, ऋषिकेश से टिहरी तक होटलों...

0
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों...

उत्तरकाशी के इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए मुख्यमंत्री धामी ने विदेश...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सऊदी अरब में बंधक जैसी स्थिति में रह रहे उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश...