18.6 C
Dehradun
Friday, January 16, 2026


41 आरोपी बरी, सात साल बाद आया फैसला, एक साथ छूट गए सभी आरोपी

पंचकूला: पंचकूला में सात साल पुराने राम रहीम हिंसा मामले में जिला अदालत ने एकसाथ 41 आरोपियों को सबूतों के अभाव के चलते बरी कर दिया। पुलिस की तरफ से आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य नाकाफी थे। ऐसे में आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित ही नहीं हो पाए। इसी के चलते अदालत ने 41 आरोपितों को बरी कर दिया।
मामले में पंचकूला पुलिस के एएसआई प्रकाश चंद शिकायतकर्ता थे। इन सभी के खिलाफ सेक्टर-20 थाना पुलिस ने 26 अगस्त 2017 को सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पंचकूला जिला अदालत की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मामला चल रहा था।
बरी होने वालों में बलविंदर सिंह, अमन कुमार, जरनैल सिंह, विपिन, रमेश कुमार, इंद्रजीत सिंह, सुशील कुमार, पाला राम, मनदीप सिंह, मिर्जा, राजवीर, सुखदेव, युनुस, गुरमीत, इकबाल सिंह, बगीचा सिंह, ओम प्रकाश, जरनैल सिंह, रवि कुमार, गुरसेवक, महेंद्र सिंह, रोशन लाल, नंद लाल, रमेश, लोहरा सिंह, महेंद्र सिंह, गुरजंट सिंह, मलकीत सिंह, रणधीर सिंह, लखबीर सिंह, मोहन सिंह, सुरेंद्र, सोमपाल, जसविंदर सिंह, रामनिवास, सुरेश कुमार, रामपाल, जसपाल, राजेंद्र, नारायण, वीरेंद्र सिंह हैं।
हाथ में लाठी और डंडे और लोहे के पाइप थे
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान का मामला दर्ज किया था। लेकिन किस तरह से नुकसान पहुंचाया, इसका सबूत पुलिस नहीं पेश कर सकी। मामले में एएसआई प्रकाश चंद्र को ड्यूटी के दौरान वायरलेस से सूचना मिली कि गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है। सजा सुनाने के बाद उसके समर्थक और अनुयायियों ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी है। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर सतर्क रहने की हिदायत दी गई। शाम करीब 5:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि सैकड़ों व्यक्तियों का समूह सेक्टर-11,14 से इंडस्ट्रियल एरिया में आ गया है। उनके हाथ में लाठी और डंडे व लोहे के पाइप हैं, जिन्होंने अमर टैक्स चौक पर लगे सरकारी कैमरे और ट्रैफिक लाइटों को तोड़ दिया। इसके अलावा अन्य गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया था।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एएसआई राकेश कुमार, एएसआई प्रकाश चंद, हेड कांस्टेबल विक्रमजीत, एएसआई मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर सुनीता पुनिया, हेमंत कुमार, हीरा लाल सैनी, रिटायर्ड एसआई प्रेम चंद, एएसआई सतीश कुमार, हेड कांस्टेबल करम सिंह, इंस्पेक्टर विकास, एसआई सुखविंदर ने गवाही दी थी। पुलिस कर्मियो समेत मामले में कुल 12 गवाह थे। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 148, 149, 186, 188, 332, 353 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया था।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

जी राम जी स्कीम में काम आएगा मनरेगा का जॉब कार्ड, रोजगार योजना जल्द...

0
नई दिल्ली। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिए बने विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) में पूर्व के मनरेगा कार्ड...

डिजिटल अरेस्ट से निपटने के लिए उच्च स्तरीय समिति का किया गठन, गृह मंत्रालय...

0
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि डिजिटल अरेस्ट के मामलों की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति...

ईडी अफसरों पर नहीं होगी FIR, अगली सुनवाई तीन फरवरी को; सुप्रीम कोर्ट से...

0
नई दिल्ली: कोलकाता में बीते आठ जनवरी को आई-पैक के कार्यालय और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर हुई प्रवर्तन निदेशालय की रेड को...

ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालेगी सरकार

0
नई दिल्ली। ईरान में पिछले 15 दिनों से जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के चलते स्थिति बेहद ही भयावह हो गई है। भारत सरकार...

सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच को आईजी एसटीएफ की अध्यक्षता में एसआईटी गठित

0
देहरादून। सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण की जांच के लिए आईजी एसटीएफ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय एसआईटी का गठन किया गया है। इस प्रकरण के...