16.2 C
Dehradun
Friday, February 20, 2026


spot_img

चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता खत्म, CM धामी ने अफसरों को दिये ये निर्देश

देहरादून: आगामी चार धाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा में दर्शन करवाये जायेंगे। जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों एवं होमस्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन केे लिए भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर भी जाएं, इसके लिए राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इसके लिए पर्यटन, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाए। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जी ने श्रद्धालुओं से अपने यात्रा व्यय का 05 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील की है।

राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाए। जीएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखा जाए। राज्य के स्थानीय उत्पादों की जानकारी आमजन तक पहुचांई जाय। चारधाम यात्रा मार्गों पर क्रैश बैरियर की समुचित व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों की रहने एवं सोने की समुचित व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए। चारधाम यात्रा पर जो भी स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए। चारधाम यात्रा के लिए यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों में वाहन चालकों के रहने एवं सोने की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ईरान पर कभी भी हो सकता है अमेरिका का हमला, ट्रंप ने फिर दी...

0
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है...

सीएए से जुड़े मामलों पर पांच मई से सुनवाई; स्टालिन के चुनाव को चुनौती...

0
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (2019) की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली आईयूएमएल समेत 200 से ज्यादा याचिकाओं...

जांच से खुलेंगे हादसे के रहस्य?: ‘जल्द जारी की जाएगी रिपोर्ट’, बारामती विमान हादसा...

0
नई दिल्ली: पुणे के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी। इस हादसे में पूर्व...

नाबार्ड के आरआईडीएफ फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाबार्ड के...

आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकताः डॉ. आर. राजेश कुमार

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण...