26.7 C
Dehradun
Monday, April 13, 2026


spot_img

इगास पर्व आज… दीपावली के 11 दिन बाद मनाया जाता है इगास पर्व

देहरादून: 23 नवंबर यानि आज इगास पर्व है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों खासकर गढ़वाल में दीपावली के 11 दिन बाद इगास पर्व मनाने की परंपरा है। कुमाऊं क्षेत्र में इसे बूढ़ी दीपावली भी कहा जाता है।

इगास को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं। एक मान्यता के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जब 14 वर्ष बाद लंका विजय कर अयोध्या पहुंचे तो लोगों ने दीपक जलाकर उनका स्वागत किया। उस दिन को दीपावली के त्योहार के रूप में मनाया। तभी से इसे दिन पर दीपावली के रूप में मनाया जाता है। संचार माध्यमों के कम होने से गढ़वाल क्षेत्र में लोगों को इसकी जानकारी 11 दिन बाद मिली। इसलिए गढ़वाल में दीपावली के 11 दिन बाद इगास पर्व मनाया जाता है।

यह भी हैं मान्यताएं

एक मान्यता के अनुसार, 17वीं सदी में जब उत्तराखंड के टिहरी जिले में विकासखंड कीर्तिनगर के मलेथा गांव के वीर भड़ माधो सिंह भंडारी तिब्बत की लड़ाई लड़ने गए थे, तब लोगों ने दीपावली नहीं मनाई थी। लेकिन जब वह रण जीतकर लौटे तो दीपकों से पूरे क्षेत्र को रोशन कर दीपावली को इगास पर्व के रूप में मनाया गया।

वही, एक अन्य मान्यता के अनुसार वीर भड़ माधो सिंह भंडारी टिहरी के राजा महिपति शाह की सेना के सेनापति थे। करीब 400 साल पहले राजा ने माधो सिंह को सेना लेकर तिब्बत से युद्ध करने के लिए भेजा। इसी बीच दीपावली का त्योहार भी था। इस त्योहार तक कोई भी सैनिक वापस नहीं आया। इसलिए किसी ने भी दीपावली नहीं मनाई। दीपावली के ठीक 11वें दिन माधो सिंह भंडारी अपने सैनिकों के साथ तिब्बत से युद्ध जीत कर लौट आए। इसी खुशी में दीपावली मनाई गई।

भैलो खेलकर मनाया जाता है इगास

इगास पर्व भैलो खेलकर भी मनाने की परंपरा है। तिल, भंगजीरे, हिसर और चीड़ की सूखी लकड़ी के छोटे-छोटे गठ्ठर बनाकर रस्सी से बांधकर भैलो तैयार किया जाता है। बग्वाल के दिन पूजा अर्चना कर भैलो का तिलक किया जाता है। फिर ग्रामीण एक स्थान पर एकत्रित होकर भैलो खेलते हैं। भैलो पर आग लगाकर इसे चारों ओर घुमाया जाता है।

बनाए जाते हैं मीठे पकवान

इगास पर्व पर सुबह मीठे पकवान बनाए जाते हैं। रात में स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा अर्चना के बाद भैलो जलाकर उसे घुमाया जाता है और ढोल नगाड़ों के साथ आग के चारों ओर लोक नृत्य किया जाता है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

इस वर्ष 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा

0
नई दिल्ली। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर रक्षा बंधन के दिन 28 अगस्त को समाप्त होगी, जो 57 दिनों तक...

उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने पार्सल बुकिंग से 460 करोड़ से अधिक राजस्व...

0
नई दिल्ली। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पार्सल बुकिंग से लगभग 460 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व...

महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर समाज के विभिन्न वर्गों ने शोक...

0
नई दिल्ली। दिग्गज पार्श्व गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले के निधन पर समाज के विभिन्न वर्गों से शोक संदेश आ रहे...

भारतीय रेलवे ने प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत 100 परियोजनाओं को...

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत भारतीय रेलवे का विस्तार हो रहा है। वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख करोड़ रुपये...

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने ‘मेरा युवा भारत’ मंच के तहत राष्ट्रव्यापी नारी...

0
नई दिल्ली। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने आज मेरा युवा भारत मंच के माध्यम से राष्ट्रव्यापी नारी शक्ति युवा संसद का आयोजन किया।...