10.5 C
Dehradun
Wednesday, January 21, 2026


‘अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाने का दबाव नहीं बना सकते’; राहुल के दावों के बीच EC का फैक्ट चेक

नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के दावों का फैक्ट चेक किया। इस दौरान चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून में निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना किसी भी मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाने के लिए दबाव नहीं बना सकता।
चुनाव आयोग ने एक्स पर पोस्ट में कहा, मतदाता सूचियां कानून के अनुसार तैयार की जाती हैं। मतदाता सूची में कोई भी सुधार, नाम काटना या जोड़ना हमेशा कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति कानून में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना अंतिम मतदाता सूची से आपका नाम हटाने के लिए दबाव नहीं बना सकता।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि एक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) कुछ मामलों की स्वत: संज्ञान लेकर जांच कर सकता है, लेकिन केवल प्रिंट, टीवी या सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर हजारों नोटिस जारी नहीं कर सकता, जिससे बिना किसी ठोस सबूत के हजारों योग्य मतदाताओं को परेशान किया जा सकता है।
चुनाव आयोग ने तर्क देकर कहा कि अगर कोई व्यक्ति, जो आपके विधानसभा क्षेत्र का मतदाता नहीं है, आपके नाम को मतदाता सूची में गलत तरीके से शामिल किए जाने का आरोप लगाता है, तो वह सीधे ऐसा नहीं कर सकता। उसे ईआरओ के पास आवेदन करना होगा। मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 20(3)(बी) के तहत, ऐसे व्यक्ति को अपनी बात शपथ लेकर कहनी होगी। यानी जो भी सबूत देगा, वह शपथ के साथ होना चाहिए।
चुनाव आयोग ने कहा कि अगर कोई नाम गलत है, तो उस नाम की सूची घोषणा/शपथ पत्र के साथ जमा करनी होगी। अगर किसी को लगता है कि कोई नाम गलत जोड़ा गया है, तो वह नियम 20(3)(बी) के तहत हस्ताक्षरित घोषणा/शपथ के साथ सबूत ईआरओ को दे सकता है। चुनाव आयोग ने कहा, ‘यह नियम योग्य मतदाताओं को आपके विधानसभा क्षेत्र से बाहर के किसी भी व्यक्ति/व्यक्तियों से बचाता है, जो आपका कीमती वोट काटने का इरादा रखते हों।’ चुनाव आयोग का यह बयान तब आया है, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘वोट चोरी’ हुई है और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ-सुथरी मतदाता सूची जरूरी है।
कांग्रेस सांसद ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘वोट चोरी, एक व्यक्ति, एक वोट’ के मूल विचार पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ मतदाता सूची जरूरी है। चुनाव आयोग से हमारी मांग स्पष्ट है- पारदर्शी बनें और डिजिटल मतदाता सूची जारी करें ताकि लोग और पार्टियां उनका ऑडिट कर सकें। यह लड़ाई हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।’

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भाजपा अध्यक्ष बनते ही चुनावी मोड में आए नितिन नवीन; कई राज्यों के चुनाव...

0
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालते ही संगठन को सीधे चुनावी मोड में डाल दिया है।...

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बोलीं: दुनिया में चल रही ‘स्पेस रेस’, लक्ष्य है चांद...

0
नई दिल्ली: प्रसिद्ध अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा है कि इस समय दुनिया में एक तरह की ‘स्पेस रेस’ जरूर चल रही...

बांग्लादेश के हालात और बिगड़ेंगे?: भारत का बड़ा फैसला, अधिकारियों के परिवारों को वापस...

0
नई दिल्ली। कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात...

भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की पहली बड़ी बैठक, विकसित भारत बनाने...

0
नई दिल्ली। नितिन नवीन को 20 जनवरी को औपचारिक तौर पर भाजपा का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही भाजपा...

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री धामी के...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश...