बैंकॉक: म्यांमार की सेना ने पूर्वी काया राज्य के डेमोसो शहर को लगभग दो साल बाद विपक्षी सशस्त्र बलों से फिर से अपने नियंत्रण में वापस ले लिया है। फरवरी 2021 में सेना ने आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार से सत्ता छीनी थी, उसी समय से यह इलाका गृहयुद्ध का केंद्र बना हुआ है। नवंबर 2023 से शहर पर करेनी राष्ट्रीयता रक्षा बल (केएनडीएफ) और उसके सहयोगी प्रतिरोध समूहों का कब्जा था।म्यांमार की सेना ने पूर्वी काया राज्य के रणनीतिक शहर डेमोसो पर लगभग दो साल बाद फिर से कब्जा कर लिया है। सरकारी मीडिया ने बुधवार को बताया कि सेना ने विपक्षी सशस्त्र बलों से नियंत्रण वापस ले लिया है।
डेमोसो, जिसे करेनी भी कहा जाता है पर फिर से कब्जा ऐसे समय में हुआ है, जब सेना ने हाल के महीनों में जमीनी और हवाई हमलों के जरिये अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं, ताकि 28 दिसंबर को होने वाले चुनावों से पहले प्रतिरोध के नियंत्रण वाले इलाकों पर फिर से कब्जा किया जा सके।
डेमोसो राजधानी नेपीता से लगभग 110 किलोमीटर दूर पूर्व में स्थित है। फरवरी 2021 में सेना ने आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार से सत्ता छीनी थी, उसी समय से यह इलाका गृहयुद्ध का केंद्र बना हुआ है। नवंबर 2023 से शहर पर करेनी राष्ट्रीयता रक्षा बल (केएनडीएफ) और उसके सहयोगी प्रतिरोध समूहों का कब्जा था। रिपोर्ट के अनुसार, अब 16 दिनों तक चले सैन्य अभियान के बाद मंगलवार को सेना ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया।
सरकारी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शहर से छह शव और पांच हथियार बरामद हुए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सेना के कुछ जवान भी मारे गए हैं। सेना ने कब्जे के बाद अस्पताल, अग्निशमन विभाग और टाउन हॉल के पास अपने सैनिकों की तस्वीरें भी जारी कीं। केएनडीएफ और अन्य स्थानीय प्रतिरोध समूहों ने टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया।
दूसरी ओर, केएनडीएफ ने सोमवार को फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक बयान में आरोप लगाया कि सेना ने आम नागरिकों को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया, बेवजह गोलीबारी की, लोगों की हत्याएं कीं और डेमोसो पर हमले में नागरिकों को ‘मानव ढाल’ के रूप में इस्तेमाल किया। म्यांमार के सात राज्यों में काया सबसे छोटा है और यहां करेनी समुदाय की अधिक आबादी है। यह इलाका लंबे समय से भीषण संघर्ष का सामना कर रहा है।
केएनडीएफ समेत काया में प्रतिरोध समूहों द्वारा गठित अनंतिम सरकार ने सोमवार को दावा किया कि रविवार को सेना ने डेमोसो से 80 किलोमीटर दूर मावची शहर के एक अस्पताल पर बमबारी की, जिसमें कम से कम 32 लोग मारे गए, पांच घायल हुए और कई लापता हो गए।एक अलग घटना में, रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिण पूर्व एशियाई देश के रत्न खनन उद्योग के केंद्र मोगोक शहर में बृहस्पतिवार को हुए हवाई हमले में कम से कम 21 लोग मारे गए। सेना ने इन हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। आमतौर पर सेना यही कहती है कि वह सिर्फ ‘वैध सैन्य ठिकानों’ पर हमला करती है और प्रतिरोध बलों को आतंकवादी मानती है।
म्यांमार के शहर डेमोसो पर दो साल बाद फिर से सेना का कब्जा
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