10.5 C
Dehradun
Thursday, January 22, 2026


ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की दी चेतावनी

वॉशिंगटन :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि वे रूस पर प्रतिबंधों के दूसरे चरण को लागू करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वह यूक्रेन युद्ध को लेकर अब और कड़ा रुख अपना सकते हैं। उनका यह बयान रूस की तरफ से यूक्रेन पर किए गए एक बड़े हवाई हमले के बाद सामने आया है।
व्हाइट हाउस में जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या वे रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के दूसरे चरण पर बढ़ने के लिए तैयार हैं? इस पर ट्रंप ने संक्षेप में जवाब दिया, हां, मैं तैयार हूं। ट्रंप पहले भी रूस और उसके तेल खरीदारों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी देते रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने इन्हें टाल रखा था, क्योंकि वह बातचीत के जरिये हल तलाशना चाहते थे।
हालांकि, उनके हालिया बयान से यह साफ हो गया है कि अमेरिका रूस के खिलाफ आक्रामक रुख अपना सकता है। गौरतलब है कि ट्रंप ने पद संभालते समय दावा किया था कि वे यूक्रेन युद्ध को जल्दी खत्म कर देंगे। लेकिन संघर्ष जारी रहने से उनकी नाराजगी और बढ़ गई है। अब देखना होगा कि प्रतिबंधों के दूसरे चरण में अमेरिका किन नए कदमों का ऐलान करता है।
शांति प्रयासों के बीच रूस ने रविवार को यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। 800 ज्यादा से ड्रोन और मिसाइलों से राजधानी कीव के मंत्रिपरिषद भवन समेत कई शहरों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक नवजात समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस हमले में मंत्रिपरिषद भवन में आग लग गई। यह पहली बार है, जब किसी सरकारी प्रतिष्ठान पर हमला किया गया है।
यह इमारत यूक्रेन के मंत्रिमंडल का मुख्यालय है, जहां उसके मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं। रूसी हमले के बाद इमारत के ऊपरी हिस्से में आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि कीव में सरकारी इमारत के अलावा अन्य शहरों में रिहायशी अपार्टमेंट को निशाना बनाया। कई इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने 805 ड्रोन और 13 मिसाइलों से कीव समेत कई शहरों पर हमला किया। हालांकि, यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणाली ने 751 ड्रोन और चार मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने कहा, पहली बार दुश्मन के हमले से किसी सरकारी इमारत को नुकसान पहुंचा है। हम इमारतों को दोबारा बना लेंगे, लेकिन खोई हुई जानें वापस नहीं आ सकतीं। दुनिया को इस विनाश का जवाब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि काम से देना होगा। प्रतिबंधों को और मजबूत करने की जरूरत है, खासकर रूसी तेल और गैस के खिलाफ।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

स्टार्टअप इंडिया का दबदबा! 10 करोड़ डॉलर के क्लब में भारत के 166 युवा...

0
मुंबई: भारत ने युवा उद्यमियों की ओर से चलाई जा रही उच्च-मूल्य (हाई-वैल्यू) वाली कंपनियों की संख्या में चीन को पीछे छोड़ दिया है।...

ट्रंप के गाजा शांति परिषद को चीन ने दिखाई पीठ, इटली ने भी दिए...

0
नई दिल्ली। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाली गाजा शांति परिषद में शामिल होने पर अनिच्छा जताई है। कहा, चीन का...

‘सारे नाम होंगे सार्वजनिक, कानून हाथ में लिया तो होगी कार्रवाई’, SIR के दूसरे...

0
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासत तेज है। ऐसे में अब एसआईआर के दूसरे चरण...

ईरान ने मेरी हत्या कराई तो खत्म हो जाएगा उसका नामोनिशान- दावोस में ट्रंप...

0
नई दिल्ली। ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच तेहरान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है।...

गीता प्रेस हर कालखंड में सनातन चेतना के उत्सव को जीवित रखने का सशक्त...

0
देहरादून। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्र ’कल्याण’ के शताब्दी अंक...