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Wednesday, January 21, 2026


कांग्रेस की जांच का सामना करेंगे FBI निदेशक पटेल, सीनेट के सामने होंगे पेश

वाशिंगटन: संघीय जांच एजेंसी एफबीआई निदेशक काश पटेल, रूढ़िवादी टिप्पणीकार चार्ली किर्क की हत्या की जांच को लेकर घिर गए हैं। इस हफ्ते कांग्रेस उनसे पूछताछ करने वाली है। शुरुआती चरण में हुई गलतियों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिनमें सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट भी शामिल है, जिसमें दावा किया गया था कि हत्याकांड के ‘संदिग्ध’ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अल जजीरा के अनुसार, पटेल मंगलवार और बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को सीनेट और हाउस की न्यायिक समितियों के सामने पेश होंगे। उनसे न केवल किर्क मामले की जांच को लेकर सवाल पूछे जाएंगे, बल्कि यह भी जांचा जाएगा कि क्या वह एक ऐसी एजेंसी को स्थिर कर पा रहे हैं, जो उनकी नियुक्ति के बाद से राजनीतिक टकराव और आंतरिक उथल-पुथल से जूझ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को पटेल की तारीफ की और कहा कि एफबीआई ने किर्क के कथित हत्यारे टायलर रॉबिन्सन की पहचान और गिरफ्तारी बेहद तेजी से की। हालांकि, रूढ़ीवादी हलकों से इसकी आलोचना भी हो रही है। कुछ नेताओं ने सवाल उठाया है कि क्या पटेल शीर्ष कानून प्रवर्तन एजेंसी, जो 13,000 एजेंटों समेत 38,000 कर्मचारियों की देखरेख करती है, को चलाने के लिए योग्य हैं।
रूढ़ीवादी थिंक टैंक मैनहट्टन इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता किस्टोफर एफ रूफो ने एक्स पर पोस्ट किए बयान में कहा, ‘रिपब्लिकन के लिए यह आकलन करने का समय आ गया है कि क्या काश पटेल एफबीआई चलाने के लिए सही व्यक्ति हैं।’ उन्होंने आगे कहा, पिछले कुछ दिनों में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और यह साफ नहीं है कि उनके पास वह अनुभव है भी या नहीं, जिसकी जरूरत हिंसक आंदोलनों की जांच और रोकथाम के लिए होती है।
रूढ़ीवादी टिप्पणीकार एरिक एरिकसन ने भी एक्स पर अपनी राय रखी और कहा, ‘एफबीआई की स्थिति चिंताजनक है।’ इससे पहले, द गार्जियन ने बताया था कि किर्क की हत्या पर पटेल की ‘भद्दी प्रतिक्रिया’ के लिए दक्षिणपंथी समूहों ने उनका मजाक उड़ाया था। हत्या के कुछ घंटों बाद, पटेल ने एक्स पर पोस्ट किया था, ‘चार्ली किर्क की जान लेने वाली भयावह गोलीबारी का संदिग्ध अब हिरासत में है।’ लेकिन यह दावा झूठा निकला और बाद में सुधार करना पड़ा।
सीनेट के अल्पसंख्यक सचेतक डिक डर्बिन, जो रिपब्लिकन हैं, ने पटेल की गलती को ‘अमैच्योर आवर’ बताया और उनकी पेशेवर क्षमता पर सवाल उठाए। अल जजीरा के अनुसार, जैसे-जैसे संदिग्ध की तलाश आगे बढ़ी, पटेल ने एफबीआई अधिकारियों पर नाराजगी जताई कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी जा रही, यहां तक कि संदिग्ध की फोटो भी देर से भेजी गई।
चार्ली किर्क की हत्या वाले दिन ही पटेल पर एक और दबाव आ गया। एफबीआई के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने उन पर मुकदमा दायर किया। उनका कहना है कि अगस्त में उन्हें नौकरी से इसलिए निकाला गया, क्योंकि उन्होंने ट्रंप प्रशासन की कुछ मांगों का विरोध किया था। इनमें ब्रायन ड्रिस्कॉल भी शामिल हैं, जिनका दावा है कि उन्हें 6 जनवरी, 2021 के कैपिटल दंगे की जांच के दौरान आदेश न मानने पर हटाया गया।
पटेल पर यह आरोप भी है कि वह अवैध आव्रजन और सड़कों पर अपराध से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हैं और ट्रंप की राजनीतिक शिकायतों को रूस की जांच पूरी होने के बाद भी आगे बढ़ा रहे हैं। एफबीआई के पूर्व शीर्ष कांग्रेस मामलों के अधिकारी ग्रेगरी ब्राउनर ने कहा, ‘क्योंकि सीनेट के कुछ सदस्य पहले से ही संदेह में हैं, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि पटेल इन निगरानी सुनवाइयों में अच्छा प्रदर्शन करें।’ एफबीआई ने पटेल की आगामी कांग्रेस गवाही पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

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