नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने ‘हत्या-जबरन वसूली’ और ‘जालसाजी’ के आरोपी इंदरजीत यादव की 90.04 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच करने का अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने ‘हत्या-जबरन वसूली’ और ‘जालसाजी’ के आरोपी इंदरजीत यादव की 90.04 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच करने का अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। अटैच की गई संपत्तियों में इंदरजीत सिंह यादव और उनकी पत्नी रीना कुमारी के स्वामित्व वाले विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं। आरोपी, फिलहाल यूएई से फरार है। हरियाणा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इंदरजीत सिंह यादव व उनके सहयोगियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, 1959, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और भारतीय दंड संहिता, 1860 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज की गई 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर उक्त केस की जांच प्रारंभ की है। इंदरजीत सिंह यादव, जो मेसर्स जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और प्रमुख नियंत्रक हैं, के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में हत्या, जबरन वसूली, निजी फाइनेंसरों के साथ जबरन लोन सेटलमेंट, धोखाधड़ी, जालसाजी, अवैध भूमि हड़पने और हिंसक अपराध आदि शामिल हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी इंदरजीत सिंह आपराधिक गतिविधियों में शामिल एक कुख्यात सरगना है। हरियाणा पुलिस को विभिन्न मामलों में इंदरजीत सिंह यादव की तलाश है। अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य कुछ कॉर्पोरेट घरानों ने कथित तौर पर हरियाणा के झज्जर जिले के गांव डीघल के निजी फाइनेंसरों से भारी मात्रा में ऋण लिए थे। ऋण के बदले सिक्योरिटी के तौर पर पोस्टडेटेड चेक जारी किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इंदरजीत सिंह यादव एक दबंग और गुंडे के रूप में काम करता था। वह लोगों को डराने-धमकाने के लिए अपने सशस्त्र सहयोगियों/गिरोहों का इस्तेमाल करता था। विदेशों से संचालित संगठित अपराध गिरोहों की मिलीभगत से, वह सैकड़ों करोड़ रुपये के उच्च-मूल्य वाले निजी ऋण विवादों के जबरन निपटारे में मदद करता था। इंदरजीत सिंह यादव का नाम डीघल स्थित एक फाइनेंसर की हत्या में भी सामने आया है। वह इस मामले में फरार है। अब तक की जांच में इंदरजीत सिंह यादव से संबंधित अपराध की आय के रूप में लगभग 110 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बरामद हुई है। इसका इस्तेमाल, अचल संपत्तियों, लग्जरी वाहनों के अधिग्रहण और विलासितापूर्ण जीवन शैली के रखरखाव के लिए किया गया। आरोपी ने अपने टैक्स रिटर्न में न्यूनतम आय घोषित की। कई मौके दिए जाने के बावजूद, इंदरजीत सिंह यादव ने कथित तौर पर यूएई में रहकर जांच में सहयोग नहीं किया। वह कानून की उचित प्रक्रिया से लगातार बच रहा है।
इस मामले में, ईडी ने इंदरजीत सिंह यादव और अन्य संबंधित व्यक्तियों/संस्थाओं से जुड़े विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। उसके परिणामस्वरूप 6.41 करोड़ रुपये नकद, लगभग 17.4 करोड़ रुपये के आभूषण, 5 लग्जरी वाहन, कई चेकबुक और लगभग 35 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया था।
हत्या, जबरन वसूली और जालसाजी के आरोपी की 90 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां अटैच; ईडी ने की कार्रवाई
Latest Articles
चुनाव से पहले आयोग का बड़ा एक्शन, तमिलनाडु-पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ की नकदी-ड्रग्स...
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कहा कि जांच एजेंसियों ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु और बंगाल में 865 करोड़ रुपये से अधिक...
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं, पक्ष में 298 और विरोध में...
नई दिल्ली। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण मंजूरी नहीं मिल सकी। विधेयक के पक्ष में...
तमिलनाडु के कोयंबटूर में वैन खाई में गिरने से 10 लोगों की मौत, कई...
नई दिल्ली। तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में पहाड़ी सड़क पर जा रही एक वैन के लुढ़क जाने से दस लोगों की मौत हो गई...
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 55 हजार से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी
नई दिल्ली। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55 हजार से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है। यह स्टार्टअप इंडिया पहल के शुभारंभ...
31 आईएएस-पीसीएस अधिकारियों के दायित्व बदले गए
देहरादून। राज्य शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के पांच, प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) के 25 और सचिवालय सेवा...














