24.9 C
Dehradun
Tuesday, August 4, 2026


spot_img

यूरोप के 27 देशों में एसएमई के लिए कारोबार का बड़ा अवसर, भारत को मोस्ट फेवर्ड देश का दर्जा

नई दिल्ली। देश के स्माल व मीडियम इंटरप्राइजेज (एसएमई) के लिए यूरोप के 27 देशों में कारोबार का बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच व्यापार समझौते पर अमल होते ही एसएमई को यूरोपीय देशों के कारोबार की सारी जानकारी मिलेगी।
भारत और ईयू ने व्यापार समझौते से जुड़े वैधानिक दस्तावेज को जारी कर दिया है और समझौते पर अमल इस दस्तावेज के मुताबिक ही किया जाएगा। हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर अमल इस साल के आखिर या अगले साल के आरंभ में शुरू होगा।
दस्तावेज के मुताबिक व्यापार समझौते पर अमल होते ही दोनों पक्ष एक-दूसरे को पांच साल के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा देंगे। इसका मतलब यह हुआ कि दोनों पक्ष किसी तीसरे पक्ष या देश को शुल्क के मामले में अधिक रियायत नहीं दे सकते हैं।
जैसे अगर किसी वस्तु की बिक्री के लिए ईयू ने भारत पर पांच प्रतिशत का शुल्क लगाया है तो किसी अन्य देश को भी ईयू इससे कम शुल्क की पेशकश नहीं कर सकेगा। दस्तावेज के मुताबिक भारत और ईयू स्माल व मीडियम इंटरप्राइजेज के लिए एक कामन डिजिटल प्लेटफार्म बनाएंगे जिन पर दोनों देश अपने यहां व्यापार के अवसर की पूरी जानकारी साझा करेंगे। एसएमई को इस पोर्टल पर जानकारी हासिल करने के बदले कोई शुल्क नहीं देना होगा। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किसी वस्तु का निर्यात करने के लिए उन्हें ईयू में किनसे संपर्क करना होगा और ईयू के किन देशों में किन-किन चीजों की जरूरत है या मांग निकलने वाली है।
दोनों देशों के बीच ई-निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। वैसे भी भारत और ईयू एक दूसरे के यहां व्यापार करने में किसी दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं करने पर सहमति जताई है। कस्टम क्लीयरेंस व अन्य जानकारी भी पूरी तरह से डिजिटल रूप में भेजी जाएगी। लेकिन डाटा सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा और इसके लिए भी मैकेनिज्म तैयार होगा। कार्बन बार्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबैम) के तहत लगने ईयू में लगने वाले शुल्क पर भारत को ईयू ने कोई रियायत तो नहीं दी है, लेकिन दस्तावेज में कहा गया है कि अगर ईयू किसी अन्य देश को इस शुल्क में कोई छूट देता है तो वह छूट भारत को भी दी जाएगी। कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए ईयू भारत की तकनीकी व वित्तीय दोनों मदद करेगी। दस्तावेज में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के संवेदनशील मामलों को व्यापार के दायरे से दूर रखने का फैसला किया है। भारत ने ईयू के लिए अपने कृषि और डेरी सेक्टर को नहीं खोला है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल के शानदार प्रदर्शन पर राष्ट्रपति, पीएम मोदी और...

0
नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्लासगो राष्‍ट्रमंडल खेलों में देश के खिलाड़ियों द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना करते हुए 13 स्वर्ण पदकों में...

असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के तराई वाले क्षेत्र और सिक्किम में मूसलाधार बारिश का...

0
नई दिल्ली। मौसम विभाग ने असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के तराई वाले क्षेत्र और सिक्किम में कल तक मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी...

कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्तार, 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली

0
नई दिल्ली। कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्‍तार किया गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने  बेंगलुरु के लोक भवन में एक सादे समारोह में 19 विधायकों...

लोकसभा में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने वाला...

0
नई दिल्ली।  लोकसभा ने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की...

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए 150 करोड़...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शिक्षा, पेयजल एवं धार्मिक पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 150 करोड़ की वित्तीय...