पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने कहा, “यह महत्वपूर्ण खोज ऐसे समय में हुई है जब देश हाइड्रोकार्बन के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनने की तेज कोशिश कर रहा है।” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर ‘समुद्र मंथन मिशन’ (राष्ट्रीय डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन) की घोषणा की थी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत के अपतटीय बेसिनों में गहरे और अति-गहरे पानी में बड़ी संख्या में अन्वेषण कुओं की खुदाई कर हाइड्रोकार्बन भंडार का पूरी तरह से दोहन करना है।अंडमान बेसिन में ऑयल इंडिया लिमिटेड का मौजूदा अभियान शानदार और उत्साहजनक परिणाम दे रहा है। कंपनी के वर्तमान अन्वेषण अभियान के तहत इस क्षेत्र में खोदे गए कुल 3 अन्वेषणात्मक कुओं में से अब तक 2 में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आ चुकी है। यह सफलता भारतीय समुद्र तटों में छिपे ऊर्जा के विशाल अवसरों को प्रमाणित करती है।
प्राकृतिक गैस की इस नई मौजूदगी को भारत के ‘अमृत काल’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यह खोज केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की अन्वेषण क्षमताओं को भी स्थापित करेगी। इस सफलता के बाद, भारत अब पेट्रोब्रास, टोटल एनर्जीज, बीपी, शेल और एक्सॉनमोबिल जैसी वैश्विक डीप-वाटर एक्सप्लोरेशन विशेषज्ञ कंपनियों के समन्वय से अपनी ऊर्जा अन्वेषण महत्वाकांक्षाओं को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ा सकेगा।

















