27.9 C
Dehradun
Thursday, July 30, 2026


spot_img

हरियाणा में करारी हार के बाद AAP ने लिया बड़ा फैसला, महाराष्ट्र और झारखंड में नहीं लड़ेगी चुनाव

नई दिल्ली। हरियाणा में अनूकुल परिणाम नहीं मिलने की वजह से अब आम आदमी पार्टी महाराष्ट्र एवं झारखंड में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी अपना पूरा फोकस दिल्ली विधानसभा चुनाव पर ही रखना चाहती है। आम आदमी पार्टी ने झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया।आप को हाल ही में हरियाणा प्रदेश में करारी हार का सामना करना पड़ा था। हरियाणा में आम आदमी पार्टी को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी। अब आप पार्टी का पूरा फोकस दिल्ली की सत्ता को बचाने पर है।
आम आदमी पार्टी को लगता है कि झारखंड में उसका संगठन पहले से कमजोर हुआ है। चुनाव में उतरने के लिए संगठन को मजबूत करने की जरूरत होगी, लेकिन अब इसके समय नहीं है। महाराष्ट्र में स्थिति थोड़ी अलग है। वहां की राज्य इकाई संगठनात्मक विस्तार के लिए दो या तीन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
बताते हैं कि राज्य इकाई ने अपनी एक रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी है, जिस पर राजनीतिक मामलों की समिति अंतिम फैसला लेगी। लेकिन हाईकमान की मंजूरी मिलने की संभावना कम ही है, क्योंकि आप अपनी पूरी ताकत दिल्ली को बचाने में लगाना चाहती है। पार्टी ने इसकी तैयारी भी तेज कर दी है।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया खुद दिल्ली की सड़कों पर प्रचार के लिए उतर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि इन दोनों ही राज्यों में चुनाव न लड़ने के पीछे की एक बड़ी वजह ये भी है कि आईएनडीआई के साथी इन राज्यों में मजबूती से चुनाव लड़ें और सहयोगी पार्टियों के बीच किसी तरह की उलझन की स्थिति पैदा न हो। इस स्थिति में भाजपा को नुकसान होगा। हालांकि, औपचारिक तौर पर आम आदमी पार्टी ने अभी इन दोनों ही राज्यों को लेकर अपनी स्थिति साफ नहीं की है। पार्टी नेता यही कह रहे हैं कि राजनीतिक मामलों की समिति ही इसे लेकर फैसला करेगी।
दिल्ली में एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने आरोप लगाया कि एमसीडी की आप सरकार अनुसूचित जाति विरोधी है। इसलिए, जो महापौर का चुनाव अप्रैल में होना था वह अभी तक नहीं हुआ है। उसकी कोशिश है कि अनुसूचित जाति का पार्षद महापौर ना बने और उसको उसका हक ना मिले इसलिए चुनाव टालती रही।
उन्होंने दावा किया कि जब भाजपा ने पिछले सदन में अनुसूचित जाति के पार्षद के हक करने का मुद्दा उठाया और महापौर चुनाव न करने को लेकर सत्तारूढ़ दल के षडयंत्र को उजागर किया। साथ ही समाज का रोष बढ़ गया और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में यह मामला पहुंच गया। तब आप सरकार अब महापौर का चुनाव कराने पर विवश हो गई है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

पंचायती राज मंत्रालय ने नागरिक भागीदारी पहल ‘दानवीर’ का शुभारंभ किया

0
नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय ने नई दिल्ली में देश भर की ग्राम पंचायतों के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से...

मीडिया और मनोरंजन इकोसिस्टम के लिए सरकार ने शुरू किया वेव्स बाज़ार और वेवएक्स

0
नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए दो डिजिटल प्लेटफॉर्म -वेव्स...

लोकसभा से पारित हुआ लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक 2026

0
नई दिल्ली।  लोकसभा ने लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस विधेयक से लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम, 2024 में...

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल इंडिया के साथ गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन पर...

0
नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से  प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल इंडिया के साथ एक गैर-वित्तीय समझौता...

राज्यपाल ने ऑपरेशन साथी, आरोही इनक्यूबेटर एवं एआई न्यूजलेटर का शुभारम्भ किया

0
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को लोक भवन में ऑपरेशन साथी, आरोही इनक्यूबेटर एवं एआई न्यूजलेटर का शुभारम्भ किया।...