देहरादून। कोरोनाकाल में कोरोना महामारी समेत अन्य बीमारियों से माता-पिता व संरक्षक खो चुके बच्चों की देखभाल एवं पुनर्वास के लिए सरकार गंभीरता से जुटी है। इस कड़ी में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के 5747 लाभार्थियों को उनके बैंक खातों में मार्च 2024 से जून 2024 तक (चार माह) की 06 करोड़ 95 लाख 73 हजार रुपये की सहायता राशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरण किया। इस योजना में ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक तीन हजार रुपये प्रतिमाह सहायता राशि देने का प्रविधान है। बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने धनराशि के ट्रांसफर पर मुख्यमंत्री धामी का धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। कहा कि धामी जी मामा और स्वयं वह बुआ के रूप में बच्चो के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य कर रहे है। राज्य सरकार लगातार बच्चों के हितों के लिए काम कर रही है।
विभागीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री वात्सल्य योजनान्तर्गत लाभार्थियों को रू० 3000-प्रतिमाह की दर से पीएफएम के माध्यम से माह मार्च 2024 में 5868 लाभार्थियों, अप्रैल 2024 में 5805 लाभार्थियों, मई 2024 में 5771 लाभार्थियों को एवं माह जून 2024 में 5747 लाभार्थियों को कुल रू0 695.73 लाख की धनराशि का पीएफएम के माध्यम से डिजीटल हस्तान्तरण किया गया है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारे बच्चों को यह चिंता करने की जरूरत नही है कि अब उनका क्या होगा, क्योंकि वह स्वयं एक अभिभावक के रूप में उनके साथ खड़ी है। उनका प्रयास रहेगा कि हर बच्चे को इसका लाभ मिले इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है और सभी को अपनी जिम्मेदारी का बखूबी पालन करने को भी कहा गया है।
रेखा आर्या ने कहा कि योजना के तहत अनाथ बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के जरिये दी जा रही है, साथ ही ऐसे बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा, खाद्य सामग्री, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधा, शासकीय सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण समेत अन्य प्रावधान भी किए गए हैं। वहीं बुआ रेखा आर्या ने सभी बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि मैं आप सभी को भरोसा दिलाती हूं कि आपकी ये ‘बुआ’ हमेशा आपके साथ है। कहा कि रेखा आर्या भले ही मंत्री हैं लेकिन आपके लिए आपकी बुआ हैं और मेरे दिल और मेरे घर के दरवाजे आप बच्चों के लिए हमेशा खुले है आप जब चाहें तब अपनी बुआ के घर आ-जा सकते हैं। आपने कोई अच्छी पेंटिंग बनाई या कोई पुरस्कार जीता तो आप मुझे बता सकते हैं। आपकी खुशी में मेरी खुशी है। इस दौरान निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास प्रशांत आर्य, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी मोहित चैधरी,उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता समेत अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
वात्सल्य योजना के 5747 लाभार्थियों को 6,95,73000 रु की सहायता राशि का डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित
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