देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सोमवार को राजभवन में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विद्यालयों में गठित स्टैंडर्ड क्लब के विद्यार्थियों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान तथा औद्योगिक संस्थानों द्वारा अपने स्टॉल लगाए गए, जिनका राज्यपाल द्वारा निरीक्षण किया गया। राज्यपाल ने बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल्स के लिए बच्चों की सृजनात्मकता और नवाचार की सराहना की।
इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि भारतीय उत्पादों को ‘लोकल से ग्लोबल’ स्तर तक पहुंचाने के लिए उनकी गुणवत्ता और मानकों का उत्कृष्ट होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानक व गुणवत्ता उत्कृष्ट होंगे तभी हमारी वस्तुओं और उत्पादों की डिमांड होगी। उन्होंने कहा कि देश के औद्योगिक विकास व उपभोक्ता अधिकारों के क्षेत्र में भारतीय मानक ब्यूरो महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि बीआईएस, एआई और टेक्नोलॉजी का अधिकाधिक उपयोग कर मानकीकरण के क्षेत्र में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से डेटा विश्लेषण, उत्पाद परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं में अधिक सटीकता और पारदर्शिता लाई जा सकेगी। राज्यपाल ने बीआईएस के अधिकारियों, उद्यमियों और छात्रों को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि मानकों की गुणवत्ता में सुधार से भारत आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में और मजबूत होगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि देश, अंतर्राष्ट्रीय मानकों की तरफ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया कि बेहतर गुणवत्ता के संदेश को आम जनता तक अवश्य पहुंचाएं। भारतीय मानक ब्यूरो देहरादून शाखा के प्रमुख व निदेशक सौरभ तिवारी ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो नियमित तौर से मानकों का निर्धारण सर्टिफिकेशन व प्रयोगशाला प्रबंधन पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ग्राम पंचायत का संवेदीकरण कार्यक्रम किया जा चुका है।
इस दौरान राज्यपाल द्वारा उत्तराखण्ड में भारतीय मानक ब्यूरो के महत्व और उपयोगिता के बारे में हितधारकों को जागरूक करने हेतु संस्थान की ओर से प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव एचसी सेमवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव रुचि मोहन रयाल, लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता दीपक कुमार यादव को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सीबीआरआई, रुड़की के निदेशक आर प्रदीप कुमार, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के निदेशक, अनिल कुमार लोहानी और हीरो मोटर्स हरिद्वार के प्लांट हेड, यशपाल सरदाना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने भारतीय भवन संहिता की बारीकियों एवं सतत विकास लक्ष्य में मानकों के योगदान पर चर्चा की। इस अवसर पर सचिव दीपक कुमार, अपर सचिव स्वाति एस. भदौरिया सहित बीआईएस के अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का संचालन कविंद्र मेहता ‘‘काव्य’’ द्वारा किया गया।
औद्योगिक विकास व उपभोक्ता अधिकारों में बीआईएस का योगदान महत्वपूर्णः राज्यपाल
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