19 C
Dehradun
Sunday, March 8, 2026


spot_img

मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं का मातृ वंदना योजना में पंजीकरण करवाने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूडी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रदेशभर में 4 अक्टूबर से अगले 15 दिन तक अभियान चलाकर असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत गर्भवती महिलाओं, निर्माण स्थलों में काम करने वाली गर्भवती महिला श्रमिकों व घरेलू नौकरों के रूप में कार्यरत तथा शहरी मलिन बस्तियों में निवासरत गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूडी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत विशेष रूप से कम आय वर्ग की सभी गर्भवती महिलाओं की पीएमएमवीवाई की शत् प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने श्रम विभाग को कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सचिव शहरी विकास को शहरी निकायों में कार्यरत कार्मिकों विशेषकर कम आय वर्ग वाले कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारियों को ईएसआई कवरेज सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में तत्काल समीक्षा बैठक कर इस सम्बन्ध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को एएनएम द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं के तीन एएनसी अनिवार्यतः करने तथा गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु का अनिवार्य रूप से डेथ ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में विशेषरूप से मलिन बस्तियों एवं निर्माण स्थलों के निकट आंगनबाडियों की मैपिंग के निर्देश दिए हैं, ताकि पांच वर्ष की आयु से छोटे बच्चों में कुपोषण व कम वजन की समस्या का समाधान एवं गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं व विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्य सचिव ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को वितरित किए जाने वाले टेक होम राशन के तहत मिलेट्स को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत महिला एवं बाल विकास एवं श्रम विभाग से सम्बन्धित अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन वाले इंडिकेटर्स की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त इंडिकेटर्स में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास व श्रम विभाग से सम्बन्धित योजनाओं के युक्तिकरण  के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में मातृ मृत्यु दर, गर्भवती महिलाओं व किशोरियों में एनिमिया तथा बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने हेतु सभी विभागों को समन्वित रणनीति से कार्य करने की हिदायत दी है। आज की बैठक में अपर सचिव प्रशांत आर्य तथा महिला एवं बाल विकास व श्रम विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

विमानन क्षेत्र में महिलाओं की उड़ान: केबिन क्रू से ऑपरेशन तक भागीदारी

0
नई दिल्ली। भारत के विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। इंडिगो और एअर इंडिया में महिला पायलटों की संख्या...

सीडीएस जनरल अनिल चौहान बोले-बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही दुनिया, एआई बदलेगा...

0
नई दिल्ली। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और भविष्य के युद्ध में एआई और स्वचालित प्रणालियों...

बंगाल में राष्ट्रपति का अपमान?: पीएम बोले- TMC ने सारी हदें पार कर दीं,...

0
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की तरफ से राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत नहीं किया गया। वहीं एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने इसका जिक्र भी...

चारधाम यात्रा 2026: हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी...

0
देहरादून: आगामी अप्रैल माह से प्रारंभ होने जा रही चारधाम यात्रा 2026 से पूर्व हेली शटल सेवाओं को लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण...

देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का सख्त रुख

0
देहरादून। देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में एक अवैध निर्माण पर...