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Saturday, April 11, 2026


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दिल्ली-NCR भीषण शीतलहर की चपेट में, टूटा दशकों का रिकॉर्ड

नई दिल्ली। दिल्ली समेत समूचा एनसीआर इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। कहीं शीतलहर चल रही है तो कहीं दशकों का रिकार्ड टूट रहा है और कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान माइनस में चला गया है। अभी दो दिन और ऐसे ही हालात बने रहेंगे। इसके बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर हवा की दिशा बदलेगी और तापमान में इजाफा होगा।
गुरुग्राम में सोमवार की सुबह सर्दी ने 60 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार यहां न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के समीप 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले यह पांच दिसंबर 1966 को 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। हालांकि मौसम विभाग ने इस तापमान की पुष्टि ना करते हुए 2.7 डिग्री का आंकड़ा जारी किया है।
एनसीआर में नारनौल, रेवाड़ी, फरीदाबाद, पलवल में भी पाला पड़ा। सर्दी के मौसम का सबसे अधिक पाला जमा हुआ देखने को मिला। रेवाड़ी, नारनौल में सोमवार को भी न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा। गाड़ियों के शीशों पर बर्फ जमी देखी गई तो खेतों में पाला पड़ने लगा है। हालांकि दिन में तेज धूप निकलने पर जरूर सर्दी से कुछ राहत मिली।
राष्ट्रीय राजधानी भी इस समय शीतलहर की चपेट में है। दिल्ली में सोमवार को न्यूनतम सामान्य से 4.2 डिग्री कम 3.2 डिग्री रहा। यह जनवरी माह में तीन सालों का सबसे कम तापमान है। 2023 में यह 1.9 डिग्री तक चला गया था। अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री कम 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हवा में नमी का स्तर 100 से 41 प्रतिशत तक रहा। दिन में चटक धूप खिली तो लोगों को कुछ राहत मिली।
सुबह के समय कोहरे ने भी थोड़ा परेशान किया। कहीं मध्यम तो कहीं घना कोहरा देखा गया। इसी के चलते सुबह साढ़े आठ बजे आइजीआइ एयरपोर्ट पर दृश्यता का स्तर महज 200 मीटर रह गया।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह हल्के से मध्यम श्रेणी का कोहरा रहेगा। दिन में आसमान साफ रहेगा। ज्यादातर जगह शीतलहर वाली स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार के लिए यलो अलर्ट है, उस दिन भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत का कहना है कि पिछले कई दिनों से उत्तर पश्चिमी हवा चल रही है। इसके साथ पहाड़ों पर हुई बर्फबारी की ठंडक भी दिल्ली और एनसीआर तक पहुंच रही है। बीते कुछ दिनों में कोई पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया तो आसमान साफ बना हुआ है, इसलिए भी तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
हालांकि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 16 और 17 को पहाड़ों पर फिर से बर्फबारी तथा 18 से 19 जनवरी के दौरान मैदानी क्षेत्रों में वर्षा भी होने की संभावना है। तब हवा की दिशा दक्षिणी पश्चिमी हो जाएगी तो तापमान में थोड़ी वृद्धि होने लगेगी।

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