24.2 C
Dehradun
Thursday, April 30, 2026


spot_img

राज्यपाल बोस ने बंगाल की कानून व्यवस्था पर की टिप्पणी, कहा- रिपोर्ट मांगने पर जानकारी नहीं देती सरकार

कलकत्ता: पश्चिम बंगाल में हाल ही में कई हिंसा की घटनाएं देखने को मिली हैं। बंगाल की कानून-व्यवस्था पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से मैं उन क्षेत्र का दौरा कर चुका हूं, जहां हिंसा हुई है। इस दौरान कई पीड़ितों और उनके परिजनों से बातचीत भी की। उन्होंने सीमा पार से घुसपैठ के सवाल पर कहा कि भारत सरकार और खुफिया एजेंसियां इस पर ध्यान दे रही हैं और तुरंत कार्रवाई कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। राज्यपाल बोस ने कहा कि जब भी उन्होंने प्रशासन के किसी भी पहलू पर रिपोर्ट मांगी तो राज्य सरकार ने उन्हें समय पर जानकारी नहीं भेजी।
नवंबर 2022 में बंगाल के राज्यपाल बने बोस ने आम जनता और यहां की संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि मेरा अनुभव संतोषजनक रहा है। मुझे बंगाल और यहां के लोगों की महानता का अहसास हुआ। बंगाल एक ऐसा स्थान है जो अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है। बंगाल की एक महान परंपरा है। यह कहा जाता था कि बंगाल में पहले इतने दूरदर्शी लोग थे, जो अनुमान लगा लेते थे कि भविष्य में क्या होने वाला है, लेकिन अब ऐसी बात नहीं है। शांति और शौहार्दपूर्ण माहौल में रहना जनता का अधिकार है। अब लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है।
राज्यपाल ने आगे कहा कि पिछले दो साल के कार्यकाल में मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा बढ़ रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार का दायित्व है। और यह सुनिश्चित करने के लिए मैं जरूरी कदम उठा रहा हूं, और आगे भी ऐसा करता रहूंगा। राजभवन में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए, राज्यपाल बोस ने संविधान के अनुच्छेद 167 का जिक्र किया। इस अनुच्छेद के तहत राज्यपाल को अधिकार है कि वह राज्य सरकार से सूचना मांग सके। ज्यादातर मामलों में, मुझे रिपोर्टें नहीं मिल पातीं, लेकिन जब मैं सख्ती करता हूं तो एक-दो रिपोर्टें मिलती हैं, इसलिए यह कहना ठीक नहीं होगा कि सरकार बिल्कुल सूचना नहीं दे रही है। हालांकि, यह अनियमित है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत उत्तराखंड, कर्नाटक और त्रिपुरा के साथ सुधार संबंधी...

0
नई दिल्ली। जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 को 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद, सुधार से संबंधित समझौता...

भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन से 50ः बिजली का लक्ष्य पांच साल पहले हासिल कियारू...

0
नई दिल्ली। भारत ने पांच साल पहले ही गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 50 प्रतिशत बिजली प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। केंद्रीय...

ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी छात्रों के लिए 242 करोड़ रुपये से अधिक की राशि...

0
नई दिल्ली। सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग-ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग-ईबीसी और गैर-अधिसूचित घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू जनजातियों-डीएनटी से आने वाले विद्यार्थियों के लिए...

सांसद ने सराहा विभागों का कार्य, बेहतर समन्वय से योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश

0
देहरादून। सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा)...

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विविध क्षेत्रों में उपयोग पर आयोजित हुआ सार्थक विमर्श

0
देहरादून। तेलंगाना लोक भवन में “विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग” विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल...