12.1 C
Dehradun
Tuesday, February 10, 2026


spot_img

कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व विवाद: शिवकुमार को CM बनाने की फिर उठी मांग, 80 से 90 विधायकों के समर्थन का दावा

बंगलूरू। कर्नाटक में सत्ता के नेतृत्व को लेकर जारी विवाद एक बार फिर से सामने आ गया है। डीके शिवकुमार के एक करीबी विधायक ने दावा किया है कि, पार्टी के करीब 80 से 90 विधायक डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।
कर्नाटक कांग्रेस में जारी नेतृत्व संकट और गहराता जा रहा है। उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के करीबी विधायक इकबाल हुसैन ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सीधे तौर पर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का अवसर देने की मांग की है। इकबाल हुसैन ने कहा, आप समानता और समाजवाद की बात करते हैं, अब समय आ गया है कि उस विचारधारा को अमल में लाया जाए।
सोमवार को बंगलूरू में पत्रकारों से बातचीत में हुसैन ने कहा, हम केवल इतना चाहते हैं कि हमारे नेता को भी एक अवसर मिले। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हमेशा समाजवाद, समानता और सामाजिक न्याय की बात करते हैं। मैं कांग्रेस पार्टी का एक छोटा नेता हूं, लेकिन आपसे अनुरोध करता हूं कि अपने सिद्धांतों को व्यवहार में उतारें।
उन्होंने कहा कि यह इच्छा केवल उनकी नहीं, बल्कि कई विधायकों की है और इसे पार्टी के अंदरूनी मंचों पर लगातार उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हमने अवसर की मांग की है। करीब 80 से 90 विधायकों ने एक साथ यह इच्छा जताई है कि इस कार्यकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए। आगामी चुनाव हम शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, दोनों के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार राज्य में फिर से सत्ता में लौटे। इस चरण में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 7.5 साल तक इस पद पर रह चुके हैं। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने पांच साल पूरे किए और इस बार 2.5 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने अच्छा शासन दिया है। इस बीच, शिवकुमार के एक अन्य करीबी और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पिता पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
बालकृष्ण ने कहा, सिर्फ इसलिए कि मुख्यमंत्री के बेटे यतींद्र ने बयान दिया है, नेतृत्व में होने वाले बदलाव रुक नहीं जाएंगे। जब फैसला होगा, तब मामला सुलझ जाएगा। उन्होंने कहा कि यतींद्र को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पार्टी में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारत और ग्रीस ने सैन्य सहयोग योजना पर किए हस्ताक्षर, हिंद महासागर से भूमध्य...

0
नई दिल्ली। भारत और ग्रीस ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक समझौता किया है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और...

बंगाल में SIR को जानबूझकर रोका जा रहा’, EC ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल...

0
नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया...

रूसी तेल खरीदेगा भारत?: विदेश सचिव बोले- कच्चा तेल खरीद के जितने अधिक विकल्प...

0
नई दिल्ली। भारत सरकार ने कच्चे तेल की खरीद में विविधता को ऊर्जा सुरक्षा की कुंजी बताया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा...

मुख्यमंत्री ने डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में किया...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी...

मुख्य सचिव ने उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट उच्च अधिकार प्राप्त समिति की...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में विश्व बैंक सहायतित उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट (यू-प्रिपेयर) की उच्च अधिकार प्राप्त...