नई दिल्ली: एनएचआरसी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर उनके पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उर्वरक के लिए लंबी कतारों में खड़े किसानों पर किसी भी तरह की ‘कड़ी कार्रवाई, बल प्रयोग या लाठीचार्ज’ न किया जाए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही उनके पुलिस प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उर्वरक के लिए लंबी कतारों में खड़े किसानों पर किसी भी तरह की ‘कड़ी कार्रवाई, बल प्रयोग या लाठीचार्ज’ न किया जाए। यह कदम एक शिकायत के आधार पर उठाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि देश के कई राज्यों में उर्वरकों की ‘गंभीर कमी’ है, जिससे किसान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, खासकर खरीफ सीजन के दौरान जब फसलें उग रही हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि समय पर उर्वरक न मिलने से किसान नाराज और परेशान हैं।
शिकायतकर्ता ने आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही यूरिया और डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) जैसे उर्वरकों का उचित और समय पर वितरण सुनिश्चित करने और इन उर्वरकों की कमी के कारणों की जांच के लिए अधिकारियों से ‘तत्काल कार्रवाई’ करने का अनुरोध किया है। शिकायतकर्ता ने ‘वीडियो/लिंक’ उपलब्ध कराए हैं, जिनमें बताया गया है कि पुलिस और अधिकारियों ने उर्वरकों की कमी के कारण कतारों में खड़े या इंतजार कर रहे किसानों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया है।
आयोग ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ितों के ‘मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन’ प्रतीत होते हैं। एनएचआरसी की एक पीठ, जिसकी अध्यक्षता उसके सदस्य प्रियांक कानूनगो कर रहे हैं, ने ‘मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है।’
रजिस्ट्री को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें उन्हें सभी जिलाधिकारियों या संबंधित अधिकारियों को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने और अपने-अपने राज्यों में किसानों को यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों का उचित और समय पर वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि ‘यूरिया/डीएपी उर्वरकों आदि के वितरण के लिए लंबी कतारों में खड़े किसानों के विरुद्ध पुलिस अधिकारियों द्वारा कोई कठोर कार्रवाई/बल/लाठीचार्ज/अपमानजनक व्यवहार न किया जाए और यदि उनके राज्यों में कोई घटना हुई हो, तो उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।’
कार्यवाही में कहा गया है कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के सचिव को किसानों के लिए उर्वरकों का उचित प्रबंधन और वितरण सुनिश्चित करने, किसानों को आवश्यक उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराने और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर आयोग के अवलोकन हेतु एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाता है।
उर्वरक मुद्दे पर सभी प्रदेशों को एनएचआरसी का नोटिस; DGP को निर्देश- किसानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई न हो
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