पुणे: पुणे में एक कार्यक्रम में भारत की आंतरिक सुरक्षा और इसकी चुनौतियां पर बात करते हुए एनआईए प्रमुख ने कहा कि नक्सलवाद, खालिस्तानी तत्व और अलगाववाद आंतरिक चुनौतियां बने हुए हैं, लेकिन प्रॉक्सी वॉर और आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) देश के लिए बड़ा खतरा हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख ने देश की आंतरिक सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने भारत को मिल रही चुनौतियों पर बात की। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी वॉर और आईएसआईएस भारत के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। युद्ध क्षेत्र की नई बाधाओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थानों के भीतर भ्रष्टाचार समाप्त होना चाहिए।
पुणे में एक कार्यक्रम में भारत की आंतरिक सुरक्षा और इसकी चुनौतियां पर बात करते हुए एनआईए प्रमुख सदानंद दाते ने कहा कि नक्सलवाद, खालिस्तानी तत्व और अलगाववाद आंतरिक चुनौतियां बने हुए हैं, लेकिन प्रॉक्सी वॉर और आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) देश के लिए बड़ा खतरा हैं।
उन्होंने कहा, ”पहला, कुछ देश प्रॉक्सी वॉर के जरिये हमारी प्रगति में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरा, आईएसआईएस। अगर हमें नई चुनौतियों का सामना करना है तो हमें लोकतंत्र को मजबूत करना होगा। अगर हम चुनौतियों का प्रभावी ढंग से जवाब देना चाहते हैं तो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार संस्थाओं में भ्रष्टाचार भी खत्म होना चाहिए।
एनआईए प्रमुख ने कहा कि भारत को आतंकवाद, नक्सलवाद, खालिस्तानी तत्वों, कश्मीर में अलगाववाद और पूर्वोत्तर में बांग्लादेश और म्यांमार से घुसपैठ सहित कई आंतरिक खतरों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक हमने इनमें से कई मुद्दों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। हमारा संविधान और लोकतंत्र, स्वतंत्र न्यायपालिका हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं। इन्हीं ने हमें सफल होने में सक्षम बनाया है।
एनआईए प्रमुख ने महाराष्ट्र की विशिष्ट आतंकवाद निरोधी एजेंसी फोर्स वन की स्थापना के दौरान के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा, “26/11 हमले के बाद पुलिस बल में व्यापक बदलाव किए गए। सरकार ने महाराष्ट्र में एक कमांडो यूनिट बनाने का फैसला किया और मुझे फोर्स वन का आईजी (महानिरीक्षक) नियुक्त किया गया। मैं रोज सुबह छह बजे उनके साथ शारीरिक प्रशिक्षण के लिए जाता था।
दाते ने कहा कि हमने फोर्स वन के मूल्यों को सीधे अपने कर्मचारियों से समझा। यहां हमने महसूस किया कि कर्तव्य जीवन से भी बड़ा है। हमने एक मूल्य-आधारित संगठन बनाया। काम की गुणवत्ता आपके पद से ज्यादा महत्वपूर्ण है। हमने यह विश्वास स्थापित किया कि प्रतिभा पद से अधिक अहम है।
एनआईए प्रमुख ने आंतरिक सुरक्षा पर दिया जोर, कहा-प्रॉक्सी वॉर और ISIS भारत के लिए बड़ी चुनौतियां
Latest Articles
कुंभ मेला की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा
हरिद्वार/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। डामकोठी में...
उत्तराखंड में SIR की तैयारियां तेज, प्रदेश में 87% मैपिंग पूरी
देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की पहल पर...
मुख्यमंत्री ने 63 सफाई निरीक्षकों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई...
श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विवि ने तैयार किया ‘प्रज्ञानम’ एआई चैटबॉट, जल्द होगा लॉन्च
देहरादून। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘प्रज्ञानम’ नामक...
मुख्यमंत्री ने किया अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारम्भ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस...

















