नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन ब्यूरो (बीसीएएस) ने भारतीय विमानों में बम रखे होने की धमकी की गंभीरता का आंकलन करने को नागरिक विमानन सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। फ्लाइट में बम रखे होने की सूचना की गंभीरता पर मंथन करते समय एजेंसियां अब इंटरनेट मीडिया हैंडल का नाम, धमकी देने वाला किसी आतंकी या प्रतिबंधित संगठन से तो नहीं जुड़ा, विमान में वीआइपी की उपस्थिति जैसे मानदंडों को ध्यान में रखेंगी।
ये दिशा-निर्देश उभरती सुरक्षा चुनौतियों विशेषकर विभिन्न इंटरनेट मीडिया मंचों के जरिये विमानों में बम रखे होने की फर्जी सूचनाएं फैलाने की बढ़ती प्रवृत्ति के मद्देनजर जारी किए गए हैं। पिछले 16 दिनों में भारतीय विमान कंपनियों की 510 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बम रखे होने की सूचनाएं मिली हैं, जो बाद में झूठी साबित हुईं। ये ज्यादातर सूचनाएं इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर गुमनाम हैंडल से दी गईं। इससे एयरलाइनों को परिचालन और वित्तीय परेशानी का सामना करना पड़ा है।
वर्तमान कार्यप्रणाली के अनुसार किसी एयरलाइन, हवाई अड्डे या विमानन संबंधी तंत्र में बम की धमकी या किसी अन्य खतरे का विश्लेषण करने के लिए हवाई अड्डे पर बम खतरा आकलन समिति (बीटीएसी) की बैठक बुलाई जाती है, जोकि गंभीर मामला या फिर अफवाह घोषित करने का निर्णय लेती है। समिति में बीसीएएस, सीआइएसएफ, स्थानीय पुलिस, हवाई अड्डा संचालक और एयरलाइन अधिकारी तथा कुछ अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
बीटीएसी 2014 में लाई गई बम खतरा आकस्मिक योजना (बीटीसीपी) का हिस्सा है, जिसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारतीय विमानन क्षेत्र, इसकी परिसंपत्तियों और मानव संसाधनों के लिए बम, तोड़फोड़ और अपहरण के खतरों से निपटने के लिए लागू किया है। प्रेट्र ने ही सबसे पहले 22 अक्टूबर को खबर दी थी कि भारतीय विमानन सुरक्षा नियामकों और एजेंसियों ने बीटीएसी के प्रोटोकाल में बदलाव किया है, ताकि विभिन्न भारतीय एयरलाइन को इंटरनेट के जरिए दी जा रही बम संबंधी सूचनाओं से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।
नागपुर पुलिस ने कहा है कि एयरलाइनों के विमानों से बम से उड़ाने की झूठी धमकी देने वाले जिस संदिग्ध की पहचान उसने उसने महाराष्ट्र के राज्य के गोंदिया निवासी 35 वर्षीय जगदीश उइके के रूप में की है, उसने ये धमकी भरे ईमेल दिल्ली से भेजे थे। फिलहाल धमकी भरे ईमेल का उइके से संबंध होने का पता चलने के बाद से आरोपित फरार है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि उइके ने प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस, एयरलाइन कंपनियों के कार्यालयों, पुलिस महानिदेशक और रेलवे सुरक्षा बल सहित विभिन्न सरकारी संस्थाओं को धमकी भरे ईमेल भेजे।
केरल के मलप्पुरम जिले के करीपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अबू धाबी जाने वाली एयर अरेबिया की फ्लाइट में बम की झूठी धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसकी शिनाख्त पलक्कड़ जिले के 26 वर्षीय मोहम्मद इजास के रूप में हुई है। करीपुर पुलिस के अनुसार मंगलवार शाम को एयरपोर्ट डायरेक्टर को इजास की ओर से एक ईमेल मिला। इसमें दावा किया गया कि कोझिकोड से अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट में बम रखा है। सूचना पर एयरपोर्ट प्रशासन व सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की सघन जांच की। धमकी झूठी पाई गई।
अब नहीं बचेंगे गुनहगार, उड़ानों में बम की धमकी की गंभीरता से होगी जांच; नए दिशा-निर्देश जारी
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