18.4 C
Dehradun
Friday, April 10, 2026


spot_img

चक्रवात तूफान रेमल से हाहाकार: बंगाल में छह तो बांग्लादेश में 10 की मौत, 15000 घर हुए क्षतिग्रस्त

कोलकाता: चक्रवात तूफान रेमल एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से टकराया। 21 घंटे के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान सेवाएं दोबारा शुरू तो हुईं पर खराब मौसम के कारण आठ उड़ानों को डायवर्ट किया गया तो 14 उड़ानों को रद्द करना पड़ा। वहीं, तूफान के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। सोमवार देर रात मौसम विभाग ने बताया कि रेमल बांग्लादेश के ऊपर था, लेकिन अब यह पूर्व और उत्तर पूर्व की तरफ बढ़ चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात रेमल 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बीते छह घंटों में लगातार कमजोर पड़ने के बाद ‘गहरे दबाव’ में बदल चुका है। गंभीर चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद रेमल सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे केंद्रित हो गया।
एएआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि खराब मौसम के कारण कोलकाता जाने वाली आठ उड़ानों को गुवाहाटी, गया, वाराणसी और भुवनेश्वर जैसे अन्य हवाईअड्डों पर डायवर्ट करना पड़ा है। कोलकाता हवाई अड्डे के निदेशक सी पट्टाभि ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसी भी बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं हुआ है। जलभराव की कोई समस्या नहीं हुई क्योंकि हमने पानी निकालने के लिए कुशल पंपों का इस्तेमाल किया। वहीं, गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुवाहाटी से कोलकाता जाने वाली चौदह उड़ानें रद्द किया गया है। रद्द उड़ानों में इंडिगो की चार, एलायंस एयर की चार और एयर इंडिया की एक उड़ान शामिल है। वहीं, खराब मौसम के कारण अगरतला हवाई अड्डे से 11 उड़ानें रद्द कर दी गईं। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।

जानकारी के अनुसार, बंगाल के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो चक्रवात के कोलकाता में एक, दक्षिण 24 परगना जिले में दो महिलाएं और पूर्व मेदिनीपुर के मेमारी में एक पिता-पुत्र की मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात के कारण 15 हजार घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। दो लाख से अधिक लोगों को बचाव शिविरों में भेजा गया। 77 हजार से अधिक लोग अभी भी राहत शिविर में ही हैं। राज्य भर में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए हैं। पुलिस और एनडीआरएफ उन्हें हटा रहे हैं। बिजली खंभों के उखड़ने के कारण बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, बांग्लादेश में करीब 10 लोगों की मौत हुई है। 15 मिलियन लोग वहां बिना बिजली के हैं।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

चारधाम यात्रा-2026″ को लेकर डीजीपी की हाई-लेवल बैठक, सुरक्षा से यातायात तक तैयारियों की...

0
देहरादून। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में आगामी चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा-2026 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज सरदार पटेल भवन, स्थित...

उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण का शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह तथा...

डिजिटल जनगणना में उत्तराखंड ने बढ़ाया कदम, मुख्यमंत्री ने की सक्रिय भागीदारी

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में जनगणना 2027 के अंतर्गत अपनी स्व-गणना  की प्रक्रिया पूरी करते हुए राज्य में इस...

जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनका प्रभावी समाधान किया...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा...

होर्मुज संकट के बीच राहत: एलपीजी जहाज ‘ग्रीन आशा’ पहुंचा भारत

0
नई दिल्ली। भारतीय झंडे वाला एलपीजी पोत 'ग्रीन आशा' होर्मुज स्ट्रेट को पार करते हुए गुरुवार को नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथारिटी...