27.9 C
Dehradun
Friday, July 17, 2026


spot_img

जी-7 शिखर सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी वर्चुअल माध्‍यम से लेंगे हिस्‍सा |Postmanindia

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 12 और 13 जून को जी-7 शिखर सम्‍मेलन में वर्चुअल माध्‍यम से भाग लेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने नई दिल्‍ली में मीडिया को शिखर सम्‍मेलन की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ब्रिटेन जी-7 समूह की अध्‍यक्षता कर रहा है.

भारत अतिथि के तौर पर होगा शामिल

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जी 7 की विस्तृत बैठक में भारत को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है. ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं को भी अतिथि के तौर पर विस्तृत बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है.

पहले भी पीएम मोदी जी7 की बैठक में ले चुके हैं हिस्सा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी7 की विस्तृत बैठक में दूसरी बार शामिल हो रहे हैं. इससे पहले वर्ष 2019 में उन्हें फ्रांस की ओर से बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रण मिला था.

कोरोना महामारी की वजह से पीएम लेंगे वर्चुएल माध्यम से हिस्सा

अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा के भागीदारी वाले जी7 गुट की बैठक में भाग लेने के लिए विश्व नेता लंदन पहुंच रहे हैं. पहले प्रधानमंत्री मोदी को भी इस बैठक में भाग लेने के लिए वहां जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण प्रधानमंत्री ने अपना ब्रिटेन दौरा रद्द कर दिया था.

जी 7 की बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

ब्रिटेन ने जी-7 के अध्‍यक्ष के रूप में चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है. इनमें – कोरोना वायरस से निपटने के वैश्विक प्रयासों की अगुवाई करना तथा भविष्‍य में ऐसी महामारियों से निपटने के लिए सुदृढ़ ढांचा विकसित करना, समृद्ध भविष्‍य के लिए मुक्‍त व्‍यापार को बढावा देना, जलवायु परिवर्तन से निपटने के तरीके ढूंढने के साथ पृथ्‍वी के पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित रखना तथा एक खुले समाज में साझा मूल्‍यों को संजोना शामिल है.

बैठक में विशेष रूप से वैश्विक स्‍तर पर कोरोना महामारी से निपटने के बारे में परस्‍पर विचार-विमर्श करना तथा स्‍वास्‍थ्‍य सेवा और जलवायु परिवर्तन पर विशेष ध्‍यान देना शामिल है. वहीं ब्रिटेन में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे नेता मांग करेंगे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोरोना वायरस की उत्पत्ति के बारे में नए सिरे से पारदर्शी जांच करवानी चाहिए. शिखर बैठक की विज्ञप्ति के मसौदे में यह भी कहा गया है कि जी-7 के सदस्य देश दुनियाभर के देशों को कोरोना वायरस से बचाव की एक अरब डोज उपलब्ध कराएंगे.

spot_img

Related Articles

Latest Articles

उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जहां अग्निवीरों के लिए विशेष ‘‘अग्निवीर सेल’’ की...

0
देहरादून। कुआंवाला, देहरादून में यूथ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित ’‘युवा अग्निवीर संवाद’’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्विकसित हर्रावाला रेलवे स्टेशन राष्ट्र को किया समर्पित

0
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में...

कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी राज्यों ने साझा...

0
हरिद्वार/देहरादून। आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के...

ईडी ने आतंकी वित्तपोषण और घुसपैठ मामले में 13 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया

0
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित आतंकी वित्तपोषण और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े एक मामले में आज 13 स्‍थानों पर तलाशी अभियान चलाया।...

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा-जलवायु परिवर्तन के बावजूद देश में अनाज और...

0
नई दिल्ली। कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने इस वर्ष...