26.1 C
Dehradun
Sunday, May 24, 2026


spot_img

जी-7 शिखर सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी वर्चुअल माध्‍यम से लेंगे हिस्‍सा |Postmanindia

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 12 और 13 जून को जी-7 शिखर सम्‍मेलन में वर्चुअल माध्‍यम से भाग लेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने नई दिल्‍ली में मीडिया को शिखर सम्‍मेलन की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में ब्रिटेन जी-7 समूह की अध्‍यक्षता कर रहा है.

भारत अतिथि के तौर पर होगा शामिल

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने जी 7 की विस्तृत बैठक में भारत को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया है. ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं को भी अतिथि के तौर पर विस्तृत बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है.

पहले भी पीएम मोदी जी7 की बैठक में ले चुके हैं हिस्सा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जी7 की विस्तृत बैठक में दूसरी बार शामिल हो रहे हैं. इससे पहले वर्ष 2019 में उन्हें फ्रांस की ओर से बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रण मिला था.

कोरोना महामारी की वजह से पीएम लेंगे वर्चुएल माध्यम से हिस्सा

अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा के भागीदारी वाले जी7 गुट की बैठक में भाग लेने के लिए विश्व नेता लंदन पहुंच रहे हैं. पहले प्रधानमंत्री मोदी को भी इस बैठक में भाग लेने के लिए वहां जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण प्रधानमंत्री ने अपना ब्रिटेन दौरा रद्द कर दिया था.

जी 7 की बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

ब्रिटेन ने जी-7 के अध्‍यक्ष के रूप में चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है. इनमें – कोरोना वायरस से निपटने के वैश्विक प्रयासों की अगुवाई करना तथा भविष्‍य में ऐसी महामारियों से निपटने के लिए सुदृढ़ ढांचा विकसित करना, समृद्ध भविष्‍य के लिए मुक्‍त व्‍यापार को बढावा देना, जलवायु परिवर्तन से निपटने के तरीके ढूंढने के साथ पृथ्‍वी के पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित रखना तथा एक खुले समाज में साझा मूल्‍यों को संजोना शामिल है.

बैठक में विशेष रूप से वैश्विक स्‍तर पर कोरोना महामारी से निपटने के बारे में परस्‍पर विचार-विमर्श करना तथा स्‍वास्‍थ्‍य सेवा और जलवायु परिवर्तन पर विशेष ध्‍यान देना शामिल है. वहीं ब्रिटेन में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे नेता मांग करेंगे कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोरोना वायरस की उत्पत्ति के बारे में नए सिरे से पारदर्शी जांच करवानी चाहिए. शिखर बैठक की विज्ञप्ति के मसौदे में यह भी कहा गया है कि जी-7 के सदस्य देश दुनियाभर के देशों को कोरोना वायरस से बचाव की एक अरब डोज उपलब्ध कराएंगे.

spot_img

Related Articles

Latest Articles

चारधाम में आस्था का सैलाब, दर्शनार्थियों की संख्या पहुंची 20.76 लाख के पार

0
देहरादून। चारधाम दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों धामों में दर्शन को श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन व्यवस्थाएं...

उत्तराखंड शासन ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, देहरादून और बागेश्वर के डीएम बदले

0
देहरादून। उत्तराखंड शासन ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 19 आइएएस और 10 पीसीएस अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया है। आइएएस आशीष चौहान को...

उत्तरकाशी पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार

0
उत्तरकाशी। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को सीमांत जनपद उत्तरकाशी पहुंचे। उनका यह दौरा भारत-चीन सीमा से सटे दूरस्थ...

मुख्यमंत्री ने नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन को किया फ्लैग ऑफ

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ...

मुख्य सचिव ने की चारधाम यात्रा की समीक्षा, सम्बन्धित जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा...