19.4 C
Dehradun
Monday, March 30, 2026


spot_img

कार्यरत अस्थायी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असरः मुख्य सचिव

देहरादून। सरकारी विभागों में आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज कार्यप्रभरित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक से, इस तरह की सेवा शर्तों के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यसचिव आनंद वर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि, इस रोक का आशय मात्र भविष्य में होने वाली भर्तियों से है।
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज कार्यप्रभरित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक संबंधित ताजा शासनादेश का, इस तरह की व्यवस्था के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उक्त शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि, भविष्य में रिक्त पदों पर अब मात्र नियमित भर्तियां ही की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी शासनादेश पिछली तिथि से लागू नहीं होता, इस कारण इस शासनादेश का असर भी आगामी भर्तियों पर होगा, पहले से कार्यरत कर्मचारी इससे प्रभावित नहीं होंगे। सभी विभाग इसी क्रम में शासनादेश का पालन सुनिश्चित करेंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

अमित शाह का बड़ा एलान: असम में लागू होगा UCC, घुसपैठियों को करेंगे बाहर

0
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के ढेकियाजुली और तिहु में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए राज्य की...

नशामुक्ति और पुनर्वास संबंधी राष्ट्रीय परामर्श समिति की 5वीं बैठक आयोजित

0
नई दिल्ली।  सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नई दिल्ली में नशामुक्ति और पुनर्वास संबंधी राष्ट्रीय परामर्श समिति की 5वीं बैठक...

‘नई विदेशी मुद्रा सीमा के पालन को मिले तीन महीने का समय’, बैंकों ने...

0
नई दिल्ली। बैंकों ने आरबीआई से नई विदेशी मुद्रा सीमा का पालन करने के लिए तीन महीने का समय देने का आग्रह किया है।...

भारत विश्व गुरु की राह परः दून में नीति, तकनीक और जनभागीदारी पर मंथन

0
देहरादून। सर्वे चौक स्थित ऑडिटोरियम में दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन तथा भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के तत्वावधान में “भारतः विश्व...

लाल आतंक का अंत: एक दशक में दस हजार से ज्यादा माओवादियों ने किया...

0
नई दिल्ली। सुरक्षा दबाव और पुनर्वास प्रयासों के संयोजन ने देश के सबसे लंबे समय तक चलने वाले विद्रोहों में से एक माओवाद को...