देहरादून। सरकारी विभागों में आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज कार्यप्रभरित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक से, इस तरह की सेवा शर्तों के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यसचिव आनंद वर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि, इस रोक का आशय मात्र भविष्य में होने वाली भर्तियों से है।
मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज कार्यप्रभरित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक संबंधित ताजा शासनादेश का, इस तरह की व्यवस्था के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उक्त शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि, भविष्य में रिक्त पदों पर अब मात्र नियमित भर्तियां ही की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी शासनादेश पिछली तिथि से लागू नहीं होता, इस कारण इस शासनादेश का असर भी आगामी भर्तियों पर होगा, पहले से कार्यरत कर्मचारी इससे प्रभावित नहीं होंगे। सभी विभाग इसी क्रम में शासनादेश का पालन सुनिश्चित करेंगे।
कार्यरत अस्थायी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असरः मुख्य सचिव
Latest Articles
राज्यपाल ने नर्सिंग सेवा, ट्रॉमा प्रबंधन एवं अंगदान को बताया मानवता की सेवा का सर्वोच्च...
देहरादून/ऋषिकेश: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में आयोजित “उन्नत ट्रॉमा देखभाल, अंगदान और नर्सिंग उत्कृष्टता” विषयक कार्यक्रम...
सर्वोच्च न्यायालय ने लंबित जमानत आवेदनों के शीघ्र निपटारे के लिए उपाय सुझाए
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने आज देशभर के उच्च न्यायालयों में लंबित जमानत आवेदनों के शीघ्र निपटारे के लिए कई उपाय सुझाए। मुख्य न्यायाधीश...
देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता: पेट्रोलियम मंत्रालय
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घरेलू एलपीजी की आपूर्ति निरंतर जारी...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से राष्ट्रीय संसाधनों पर बोझ कम करने के लिए...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष को इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताते हुए राष्ट्रीय संसाधनों पर...
उत्तराखंड के जेलों में आजीवन सजा काट चुके कैदियों की रिहाई पर सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड की जेलों में आजीवन सजा काट चुके कैदियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी रिहा नहीं करने के मामले पर...

















