नई दिल्ली: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को माउंट एवरेस्ट और कंचनजंगा के लिए तीन पर्वतारोहण अभियानों को हरी झंडी दिखाई। पर्वतारोहण दल में भारत और नेपाली सेना के जवानों के साथ-साथ एनसीसी के कैडेट्स हिस्सा लेंगे। इन अभियानों का लक्ष्य मई तक अपने-अपने शिखरों पर पहुंचना है।
इस अवसर पर रक्षामंत्री ने पर्वतारोहियों से बातचीत की और उनके साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अभियान युवाओं को प्रेरित करेंगे और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्वतारोहण में भारत के नेतृत्व को प्रदर्शित करेंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सेना के माउंट एवरेस्ट अभियान में 34 पर्वतारोही शामिल हैं। यह दल पारंपरिक साउथ कोल रूट का अनुसरण करेगा। इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी करेंगे। संयुक्त भारत-नेपाल अभियान का उद्देश्य कंचनजंगा पर चढ़ना है। इसमें भारतीय सेना के 12 पर्वतारोही और नेपाली सेना के छह पर्वतारोही शामिल होंगे। इसका नेतृत्व भारतीय सेना के कर्नल सरफराज सिंह करेंगे। माउंट एवरेस्ट पर एक संयुक्त एनसीसी अभियान का नेतृत्व कर्नल अमित बिष्ट करेंगे। इस दल में पांच छात्राओं समेत 10 कैडेट्स, चार अधिकारी और 11 स्थायी प्रशिक्षक शामिल हैं।
माउंट एवरेस्ट और कंचनजंघा को फतह करने निकले दल, रक्षा मंत्री राजनाथ ने दिखाई हरी झंडी
Latest Articles
ईरान ने खाड़ी देशों को अमरीका के सैन्य अभियानों में सहयोग न करने की...
नई दिल्ली। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाह ने फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट के देशों को...
उच्च गुणवत्ता और लागत प्रभावी अवसंरचना सर्वोच्च प्राथमिकता: नितिन गडकरी
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लागत को संतुलित बनाए रखते हुए उच्च गुणवत्ता...
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें चार रेलवे परियोजनाएं और एक राजमार्ग परियोजना शामिल हैं। नई दिल्ली में मंत्रिमंडल...
ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की...
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से खेल विभाग के साथ बैठक...
उत्तराखण्ड का भूस्खलन प्रबंधन माॅडल अब अन्य राज्यों में भी बना रहा अपनी पहचान
देहरादून। खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए डीपीआर एवं तकनीकी परामर्श से यूएलएमएमसी को मिली पहली राजस्व प्राप्ति उत्तराखण्ड की भूस्खलन विशेषज्ञता का दायरा...
















