देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्रीगण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का जनपदों में जाकर गहनता से समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे। इस समीक्षा का उद्देश्य राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना और समस्त प्रभावित परिसंपत्तियों के नुकसान का व्यापक स्तर पर आकलन करना है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे। इसके अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि आगामी रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समयानुसार और प्रभावी ढंग से लिए जा सकें।
मुख्यमंत्री और मंत्री राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान की जनपदों में जाकर समीक्षा करेंगे
Latest Articles
बांग्लादेश के हालात और बिगड़ेंगे?: भारत का बड़ा फैसला, अधिकारियों के परिवारों को वापस...
नई दिल्ली। कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात...
भाजपा अध्यक्ष बनते ही चुनावी मोड में आए नितिन नवीन; कई राज्यों के चुनाव...
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालते ही संगठन को सीधे चुनावी मोड में डाल दिया है।...
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री धामी के...
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश...
मुख्य सचिव ने नाबार्ड पोषित योजनाओं के प्रस्तावों को समय पर भेजे जाने के...
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श एवं विभागों की...
यूसीसी का एक साल, मजबूत सुरक्षा तंत्र से निर्मूल हुई निजता उल्लंघन की आशंकाएं
देहरादून। उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत बीते एक साल में विभिन्न सेवाओं के लिए कुल पांच लाख से अधिक आवेदन हुए हैं,...














