देहरादून। उत्तराखण्ड में रोपवे विकास के नितांत महत्व को देखते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रोपवे विकास हेतु राज्य सरकार की एकमात्र नोडल एजेंसी निर्धारित किए जाने के सम्बन्ध में सचिवालय में आयोजित बैठक में लोक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग, पेयजल, सिचाई व ब्रिडकुल के साथ विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने राज्य में रोपवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के सम्पूर्ण विकास, कन्सलटेंसी, टेक्नीकल व अन्य सम्बन्धित सेवाओं के लिए ब्रिडकुल को विशेषज्ञ एजेंसी घोषित किए जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों व हितधारकों की सहमति लेते हुए अग्रेतर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ब्रिडकुल रोपवे एवं अन्य निर्माण कार्यों में विशेषज्ञता, अनुभव एवं पर्याप्त मानव संसाधन रखती है। ब्रिडकुल के अनुभवों एव विशेषज्ञता का लाभ रोपवे विकास में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे रोपवे विकास के प्रोजेक्टस् में तीव्रता से प्रगति सुनिश्चित होगी। बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गबर्याल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने ब्रिडकुल को रोपवे विकास के लिए नोडल एजेंसी बनाए जाने के निर्देश दिए
Latest Articles
ईरान ने खाड़ी देशों को अमरीका के सैन्य अभियानों में सहयोग न करने की...
नई दिल्ली। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाह ने फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट के देशों को...
उच्च गुणवत्ता और लागत प्रभावी अवसंरचना सर्वोच्च प्राथमिकता: नितिन गडकरी
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लागत को संतुलित बनाए रखते हुए उच्च गुणवत्ता...
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें चार रेलवे परियोजनाएं और एक राजमार्ग परियोजना शामिल हैं। नई दिल्ली में मंत्रिमंडल...
ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की...
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से खेल विभाग के साथ बैठक...
उत्तराखण्ड का भूस्खलन प्रबंधन माॅडल अब अन्य राज्यों में भी बना रहा अपनी पहचान
देहरादून। खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए डीपीआर एवं तकनीकी परामर्श से यूएलएमएमसी को मिली पहली राजस्व प्राप्ति उत्तराखण्ड की भूस्खलन विशेषज्ञता का दायरा...
















