देहरादून। हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 25 मई को खोले जाएंगे। इसके चलते राज्य सरकार, जिला प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन ने जमीनी हालात को देखते हुए प्रतिदिन श्रद्धालुओं के पहुंचने की सीमा तय की है। कपाट खुलने के बाद प्रतिदिन 3500 श्रद्धालु ही हेमकुंड साहिब जा सकेंगे। इस बाबत गुरुद्वारा प्रबंधन ने बताया कि हेमकुंड साहिब में अभी भी काफी बर्फ है। बर्फ पिघलने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या पर फिर से विचार किया जाएगा। बता दें कि 22 मई को पंज पयारों की अगुवाई में राज्यपाल एवं संत समाज द्वारा ऋषिकेश से हेमकुंड साहिब यात्रा का आजाग किया जाएगा। दो दिन पहले जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने गुरुद्वारा प्रबंधन के साथ गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब का पैदल निरीक्षण किया था। जिसके बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की संख्या तय की है।
राज्य सरकार, ज़िला प्रशासन एवं गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ट साहिब मैनेजमैंट ट्रस्ट ने ज़मीनी हालात को देखते हुए 3500 यात्री प्रतिदिन श्री हेमकुण्ट साहिब के दर्शन कर सकेंगे की सीमा निर्धारित की है। बर्फ पिघलने पर दुबारा विचार कर सीमा बड़ाई जा सकती है । सभी यात्रियों से निवेदन है कि वह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशनhttps://registrationandtouristcare.uk.gov.in/signin.php लिंक पर अवश्य करा लें।रजिस्ट्रेशन की सीमा निर्धारित है । यह व्यवस्था यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई हैं।
हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे, प्रतिदिन 3500 श्रद्धालु जा सकेंगे
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