22.1 C
Dehradun
Tuesday, April 7, 2026


spot_img

आयुर्वेद विवि के कुलपति ने राज्यपाल के समक्ष दिया शोध की प्रगति के संबंध में प्रस्तुतीकरण

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के समक्ष शनिवार को राजभवन में उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी ने ‘वन यूनिवर्सिटी-वन रिसर्च’ पर चल रहे शोध की प्रगति के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा ‘‘क्षार सूत्र प्रबंध से भगंदर का इलाज’’ विषय पर शोध प्रबंध किया जा रहा है। राज्यपाल द्वारा पूर्व में इस योजना के अंतर्गत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को उनकी विशेषज्ञता के आधार पर राज्य हित में शोध करने के निर्देश दिए गए थे।
कुलपति ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान विश्वविद्यालय ने भगंदर रोग से ग्रसित 182 लोगों पर शोध और उनका उपचार किया। इस शोध का उद्देश्य भगंदर जैसे जटिल रोग का प्रभावी और स्थायी समाधान प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि शोध में इस रोग का मुख्य कारण गलत दिनचर्या, अनुचित खानपान और लगातार कब्ज रहना प्रमुख हैं। इस रोग से 24 से 54 वर्ष आयु के लोग ज्यादा पीड़ित हैं और यह समस्या पुरुषों में अधिक देखने को मिली है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में इस रोग का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है और इसमें रोग के दोबारा होने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने बताया कि शोध के दौरान क्षार सूत्र द्वारा सभी रोगियों का उपचार किया गया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास आयुर्वेद के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के वैज्ञानिक आधार को मजबूत करने और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए इस प्रकार के शोध अत्यंत आवश्यक हैं। राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में इस शोध के अंतिम निष्कर्षों को उत्तराखण्ड सरकार और भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा, ताकि इसे व्यापक रूप से अपनाया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल न केवल आयुर्वेद को नई पहचान दिलाएगी, बल्कि रोगियों को प्रभावी, सुरक्षित और स्थायी उपचार प्रदान करने में भी सहायक होगी। उन्होंने शोध टीम की मेहनत और समर्पण के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शल्य तन्त्र प्रमुख डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. पंकज बच्चस उपस्थित रहे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारतीय सेना ने मानवरहित हवाई प्रणाली और मंडराने वाली युद्धक सामग्री के लिए प्रौद्योगिकी...

0
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने आज मानवरहित हवाई प्रणाली और मंडराने वाली युद्धक सामग्री के लिए प्रौद्योगिकी रोडमैप का अनावरण किया। यह पहल मानवरहित...

राज्यसभा के सभापति ने मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग के प्रस्‍ताव...

0
नई दिल्ली। राज्यसभा अध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी सांसदों द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज...

सरलीकरण, प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता से भारत की कर प्रणाली सशक्त हुई: वित्तमंत्री

0
नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि भारत की कर प्रणाली सरलीकरण, प्रौद्योगिकी, विश्वास और पारदर्शिता की दिशा में विकसित हुई है,...

घरेलू गैस सिलेण्डरों का बैकलॉग समाप्त करें कंपनियांः मुख्य सचिव

0
देहरादून। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य एवं आगामी चारधाम यात्रा तथा पर्यटन सीजन को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों एवं तेल...

राज्यपाल ने कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

0
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने यू.पी.ई.एस. विश्वविद्यालय, देहरादून में ‘बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर...