नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 33 हजार 660 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ एक सौ प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना- भव्या को मंजूरी दे दी है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नई दिल्ली में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य विश्व स्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित करना, विनिर्माण क्षमता को उजागर करना और देश के विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि एक सौ से एक हजार एकड़ के औद्योगिक पार्कों के विकास पर प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने भारतीय कपास निगम लिमिटेड को कपास सीजन 2023-24 के लिए एक हजार सात सौ 18 करोड़ रुपये से अधिक के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी। श्री वैष्णव ने कहा कि कपास किसानों के हितों की रक्षा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाता है, विशेषकर उस समय जब बाजार मूल्य न्यून्तम समर्थन मूल्य से नीचे चला जाता हैं।
कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए लघु जल विद्युत विकास योजना को भी मंजूरी दी, जिसके अन्तर्गत लगभग 1500 मेगावाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना के लिए दो हजार पांच सौ 84 करोड़ रुपये से अधिक का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक एक सौ एक किलोमीटर से अधिक लंबे चार लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के निर्माण को छह हजार नौ सौ 69 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मंजूरी दे दी है।

















