शिमला: हिमाचल में मानसून की पहली बारिश राहत के साथ आफत भी लाई है। गुरुवार रात से शुक्रवार शाम तक राजधानी शिमला में 93 और जुब्बड़हट्टी में 170 मिलीमीटर बारिश हुई। बीते साल 24 जून को मानसून प्रवेश करने के साथ ही शिमला में 99 और जुब्बड़हट्टी में 180 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी। शिमला और आसपास के क्षेत्रों में ही गुरुवार-शुक्रवार को बादल बरसे। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ मौसम साफ रहा। मैदानी जिलों में बादल नहीं बरसने से मौसम में उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई। राजधानी शिमला में भारी बारिश के चलते नौ वाहन मलबे में दब गए। सोलन के गंबरपुल पर मलबा आने से पुल को खतरा पैदा हो गया है। कुनिहार में कई दुकानों में पानी जाने से कारोबारियों को नुकसान हुआ है।
प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। चार जुलाई तक बादल बरसने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार-रविवार को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ स्थानों पर गरज और बिजली के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का भी पूर्वानुमान है।
शिमला में नालियां अवरुद्ध होने से पानी के साथ मलबा सड़कों पर आ गया, इससे कई संपर्क मार्गों पर शुक्रवार को आवाजाही प्रभावित रही। सोलन के अधिकांश क्षेत्रों में गुरुवार रात तेज बारिश हुई। बारिश से कुनिहार-नालागढ़ मार्ग पर स्थित गंबरपुल में फिर से तबाही मच गई। बारिश से गंबरपुल पर अचानक पानी आ गया, जिससे कुनिहार-नालागढ़ मार्ग देर रात बंद हो गया और आसपास के मकानों में पानी घुस गया। किनारों से मिट्टी निकल गई है और इससे पुल खतरे की जद में आ गया है। सुबह लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी से मार्ग को सुचारु करवाया।
राजधानी शिमला में गुरुवार को हुई मानसून की पहली बारिश ने बीते वर्ष आई प्राकृतिक आपदा की यादों को फिर ताजा कर दिया। शहर में गुरुवार रात साढ़े 10 बजे से ढाई बजे तक 84 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, शुक्रवार दोपहर बाद करीब आधा घंटा तक शहर में नौ मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। जुब्बड़हट्टी में वीरवार रात को 136 और शुक्रवार दोपहर 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। गुरुवार रात गोहर में 42, अर्की में 40, मशोबरा में 38, कुफरी में 24, सराहन-बरठीं में 22, ठियोग में 20, करसोग में 18, रामपुर में 15, पंडोह में 12, राजगढ़ में 11 और कंडाघाट में 8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
शिमला में 9 वाहन मलबे में दबे, खतरे में गंबरपुल
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