20.7 C
Dehradun
Sunday, March 29, 2026


spot_img

SSP की फोटो के साथ विज्ञापन देने वाले प्रॉपर्टी डीलर पर मुक़दमा दर्ज

देहरादून: राजधानी के नवनियुक्त पुलिस कप्तान की फोटो को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के साथ विज्ञापन में छापने वाले प्रॉपर्टी डीलर की मुश्किलें बढ़ने वाली है। इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। दर्ज मुकदमे में आरोपी को तीन से सात साल तक सजा हो सकती है। ऐसे में पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी कर सकती है।

राजधानी से प्रकाशित हिंदी समाचार पत्रों में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन की बधाई के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और देहरादून के कप्तान अजय सिंह की फ़ोटो प्रॉपर्टी डीलर ने प्रकाशित कराई। यह विज्ञापन देख हर कोई हैरान रह गया। इस मामले का संज्ञान एसएसपी पीआरओ सेल ने लिया तो कप्तान ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। वहीं सोशल मीडिया में यह विज्ञापन जमकर वॉयरल हो रहा है। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। खासकर प्रॉपर्टी डीलर ने एसएसपी का पद भी बढ़ा चढ़ाकर आईजी यानी पुलिस महानिरीक्षक प्रकाशित कराया गया। इससे स्पष्ट है कि प्रॉपर्टी डीलर ने एसएसपी के पद और नाम का फायदा अपने बिजनेस में उठाने का कुचक्र रचा है। लेकिन अब इस विवादित विज्ञापन से प्रॉपर्टी डीलर खुद फंसता जा रहा है।

नेहरू कॉलोनी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आज दिनांक 17/09/23 को प्रव्या डेवलपर्स के प्रोपराइटर के द्वारा अपने व्यक्तिगत एवं व्यापारिक हितों के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के फोटो को सोशल मीडिया से निकालकर उसे एडिट करते हुए कूटरचित तरीके से विज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों पर प्रकाशित कराया गया। जिसका संज्ञान लेते हुए थाना नेहरू कॉलोनी पर उपनिरीक्षक हेमंत खंडूरी, पीआरओ शाखा (एसएसपी कार्यालय देहरादून) द्वारा मु ०अ०स० 370/230 धारा 468/469 ipc का अभियोग प्रोपराइटर प्रव्या डेवलपर के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया।

ये है सजा का प्रवाधान

वरिष्ठ अधिवक्ता विलियम अकबर चंद कहते हैं कि आईपीसी की धारा 468 में जालसाजी के दोषी पाए गए व्यक्तियों के लिए अधिकतम सात साल के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। सरल शब्दों में, जालसाजी में दूसरों को धोखा देने या नुकसान पहुँचाने के इरादे से एक झूठे दस्तावेज़ बनाना शामिल है। इसी तरह भारतीय दंड संहिता की धारा 469 के अनुसार, जो कोई कूटरचना इस आशय से करेगा कि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख, जिसकी कूटरचना की जाती है, किसी पक्षकार की ख्याति की अपहानि करेगी, या यह सम्भाव्य जानते हुए करेगा कि इस प्रयोजन से उसका उपयोग किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकती है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से भेंट कर रेल एवं ‘डिजिटल कुम्भ 2027’ पर की...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु...

देहरादून में हुआ राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का आयोजन

0
देहरादून। देहरादून के राजपुर रोड स्थित सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट में शनिवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय उद्यमिता महोत्सव का...

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अवस्थापना विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रदान की वित्तीय...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में बुनियादी ढांचे एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं उद्यमों को प्रोत्साहन, प्रशासनिक सुदृढीकरण को बढ़ावा देने...

कुंभ मेला तैयारीः मेला प्रशासन ने विधायक के साथ स्वर्गाश्रम क्षेत्र का भ्रमण कर...

0
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु मेला...

मुख्यमंत्री ने किया राजस्व लोक अदालत का शुभारम्भ

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में ‘राजस्व लोक अदालत’ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने...