24.2 C
Dehradun
Friday, May 15, 2026


spot_img

मुख्यमंत्री ने आपदा राहत शिविर विनकखाल में आपदा प्रभावितों का हाल-चाल जाना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को टिहरी के अस्थाई राहत शिविर राजकीय इण्टर कॉलेज विनक खाल में प्रभावितों हेतु की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने राहत शिविर में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, विकलांगों के लिए भी उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा राहत शिविर में आपदा प्रभावितों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना तथा उनकी समस्यायें सुनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा आपदा के दिन से ही लगातार स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा रही है। उन्होंने आपदा में हुई जनहानि पर गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति तथा पीड़ित परिवार को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्राकृतिक आपदाएं हमेशा चुनौतियां बनकर आती हैं। इससे पूर्व तैयारी के साथ-साथ आपदा के समय सजगता और सतर्कता से कम से कम समय में आपदा पर काबू पाना जरूरी होता है, जिसका परिचय जिला प्रशासन ने दिखाया है। उन्होंने पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के जिला प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में भारत सरकार, राज्य सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है। तिनगढ़ गांव के विस्थापन की कार्रवाई शुरू हो गई है। अन्य गांव का सर्वे कर योजना बनाकर कार्य किया जाएगा। आपदा से क्षतिग्रस्त हुए सुरक्षा दीवार, स्कूल, पुल, तटबंध आदि कार्यों को शीघ्रता से किया जाएगा। आपदा सुरक्षा कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने आपदा के इस कठिन समय में धैर्य से एक दूसरे का सहयोग करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खतरे की जद में आने वाले मकानों को लेकर सजग रहने के निर्देश दिए। आपदा की इस घड़ी में जनप्रतिनिधियों को भी हर संभव मदद करने को कहा। आपदा प्रभावितों को कोई दिक्कत न हो तथा उनके जन जीवन को पूर्व की भांति पटरी पर लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि तिनगढ़ गांव के पुनर्वासध्विस्थापन के लिए भूगर्भीय सर्वे कर लिया गया है, तथा सैद्धान्तिक स्वीकृति मिल चुकी है। भूमि चिन्हीकरण की कार्यवाही की जा रही है। जमीन उपलब्धता के आधार पर धीरे धीरे लोगों का पुनर्वास किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम कोट के 28 परिवारों के विस्थापन की कार्यवाही गतिमान है। तिनगढ़ के लगभग 100 पशुओं हेतु एक अस्थाई गौशाला का चिन्हीकरण कर लिया गया है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहेला, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नोटियाल, ब्लॉक प्रमुख भिलंगना वासुमति घणाता, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, एडीएम के.के. मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण मौजूद रहे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियन तिमोथियोस हेसेबोन से मुलाकात...

0
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने आज नई दिल्ली में इथियोपिया के विदेश मंत्री गेदियन तिमोथियोस हेसेबोन से मुलाकात की।सोशल मीडिया पोस्ट में...

भारत और जर्मनी ने निवेश, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया

0
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज जर्मनी के वरिष्ठ नेताओं और नीति-निर्माताओं के साथ भारत-जर्मनी आर्थिक सहयोग को मजबूत...

भारत को अप्रैल 2028 तक कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में...

0
नई दिल्ली। भारत को अप्रैल 2028 तक कॉमन क्राइटेरिया डेवलपमेंट बोर्ड – सीसीडीबी के अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और...

आईटी एवं अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षितों को रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर रोजगार मेले...

0
देहरादून। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के आईटी एवं अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवक एवं युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने...

जनगणना में अभी तक 70 फीसदी काम पूरा

0
देहरादून। जनगणना के राष्ट्रीय अभियान में उत्तराखंड की जोशीली भागीदारी सामने आ रही है। मकानों के सूचीकरण और आवास जनगणना का कार्य तेजी से...