नई दिल्ली। उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि वह राष्ट्र-निर्माण के लिए अपने ज्ञान, कौशल और नवाचार का प्रयोग करें। चेन्नई के पास कट्टनकुलथुर में एस. आर. एम विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने की यात्रा में भारत के युवाओं की अहम भूमिका है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की ओर से उठाए गए कदमों को याद करते हुए, श्री राधाकृष्णन ने कहा कि भारत ने 100 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की। इस कदम से भारत की वैश्विक कल्याण और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का पता चलता है।
उन्होंने 2014 के बाद से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश के विस्तार और उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उप-राष्ट्रपति ने कहा कि शोध का उद्देश्य तब पूरा होता है जब वह समाज के काम आता है।
श्री राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों से मादक पदार्थों और ड्रग्स से दूर रहने और अनुशासन, उद्देश्य और उत्कृष्टता को चुनने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने, विविधता का सम्मान करने और देश की प्रगति, सुरक्षा और समृद्धि में योगदान देने का आह्वान किया।

















