पेरिस/नई दिल्ली। भारत की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने खेल पंचाट यानी कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट्स (CAS) के सामने खुद को रजत पदक देने की अपील की है। दरअसल, उन्होंने मंगलवार को लगातार तीन मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, बुधवार को उनके वजन को मापा गया तो वह 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया था।
खेल पंचाट खेल के लिए मध्यस्थता न्यायालय भी कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब विनेश ने इस जगह अपील कर खुद को कम से कम रजत देने के लिए कहा है। फाइनल में हारने पर विनेश रजत जीततीं, लेकिन फैंस उनसे गोल्ड की उम्मीद लगाए बैठे थे। ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर्स के मुताबिक, विनेश ने स्थानीय समयानुसार शाम पांच बजकर 51 मिनट पर खेल पंचाट के सामने अपील दायर की। उन्होंने संयुक्त रूप से रजत पदक देने की मांग की है। विनेश ने स्वर्ण पदक का मैच खेलने देने की मांग भी की थी। हालांकि, खेल पंचाट ने इस मैच को खारिज कर दिया। खेल पंचाट ने कहा- हम फाइनल मैच को नहीं रोक सकते। खेल पंचाट गुरुवार को फैसला सुनाएगा।
विनेश के समर्थन में पूरा देश फिलहाल एकजुट है। सोशल मीडिया पर कई दिग्गजों ने उन्हें रजत देने की मांग की है। गीता फोगाट, रितु फोगाट ने ट्वीट कर विनेश को रजत देने की मांग की है। हालांकि, कुश्ती को देखने वाली बॉडी UWW ने बयान दिया था कि अब कुछ नहीं हो सकता। वहीं, विनेश ने जिस पहलवान लोपेज को हराया था, उन्हें फाइनल की टिकट दी गई। अब वह अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट के सामने होंगी।
भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने बुधवार को यहां महिलाओं की 50 किलोग्राम वर्ग में स्वीकार्य सीमा से 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण पेरिस ओलंपिक से बाहर कर दिए जाने के बाद भारतीय कोचों से कहा है कि यह खेल का हिस्सा है। दरअसल, घटना के बाद महिलाओं के राष्ट्रीय कोच वीरेंद्र दहिया और मंजीत रानी ने इस पहलवान से मुलाकात की। दहिया ने अपनी मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा, ‘इस खबर से कुश्ती दल में हड़कंप मच गया। खबर आने के बाद लड़कियां बहुत उदास थीं। हमने विनेश से मुलाकात की और उसे सांत्वना देने की कोशिश की। वह काफी हिम्मतवाली हैं। उसने हमसे कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम पदक जीतने से चूक गए, लेकिन यह खेल का हिस्सा है।’ दहिया ने बताया कि कई आईओए अधिकारी भी उससे मिलने के लिए वहां उपस्थित थे। दिन के दौरान भारतीय कुश्ती के लिए एक और बुरी खबर आई जब अंतिम पंघाल महिलाओं के 53 किग्रा में पहले दौर में तकनीकी श्रेष्ठता के कारण हारकर बाहर हो गईं। वह रेपेचेज में भी जीत नहीं दर्ज कर सकीं। कोच ने कहा, ‘अंतिम अपना खेल नहीं खेल पाई। वह लय में नहीं दिखी।’
भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मंगलवार को प्री क्वार्टर फाइनल में उतरने से पहले जो वजन मापा गया था, तब विनेश 49.9 किलो की थीं, जो कि 50 किलो भारवर्ग में उतरने के लिए ठीक था। हालांकि, मंगलवार को तीन राउंड, प्री क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल खेलने के बाद उनका वजन 52.7 किलो हो गया, जो कि 2.8 किलो ज्यादा था। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिरकार विनेश का 2.8 किलो वजन 12 घंटे के अंदर बढ़ा कैसे? इन सभी मुद्दों पर पेरिस ओलंपिक में भारतीय दल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दिनशॉ पारदीवाला ने बयान दिया है
विनेश फोगाट ने खेल पंचाट से रजत पदक देने की अपील की
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