28.2 C
Dehradun
Monday, August 24, 2026


spot_img

रेडियो सेक्टर को मिलेगा नया विस्तार, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन बोले-डिजिटल एफएम की ओर बढ़ेगा भारत

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि सरकार देश में रेडियो सेक्टर के विस्तार के लिए तैयार है। टियर-3 शहरों तक एफएम बढ़ाने और डिजिटल एचडी रेडियो अपनाने की दिशा में काम हो रहा है। उद्योग जगत भी इस बदलाव के पक्ष में है। आइए जानते हैं, डिजिटल एफएम पर केंद्रीय मंत्री ने क्या कुछ कहा।
देश में रेडियो क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि सरकार रेडियो सेक्टर के और विस्तार के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि लाइसेंस देने से लेकर नई तकनीक अपनाने तक सरकार हर संभव सहयोग करेगी, ताकि रेडियो देश के दूर-दराज इलाकों तक पहुंचे।
नई दिल्ली में ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी एक्सपो के दौरान मुरुगन ने कहा कि सरकार टियर-3 शहरों तक एफएम रेडियो का विस्तार चाहती है। फिलहाल देश में 313 शहरों में 839 एफएम स्टेशन संचालित हो रहे हैं, जबकि 532 कम्युनिटी रेडियो स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेडियो आज भी सूचना और मनोरंजन का सशक्त माध्यम है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का एफएम रेडियो इकोसिस्टम दशकों के सबसे बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। निजी एफएम ब्रॉडकास्टर्स और डिवाइस निर्माता एनालॉग से डिजिटल एफएम यानी एचडी रेडियो में बदलाव के लिए तैयार दिख रहे हैं। उद्योग जगत का कहना है कि यह तकनीक भरोसेमंद, व्यापक और भविष्य के लिए उपयुक्त है।
एक्सपो में हुई चर्चाओं के अनुसार, स्मार्टफोन, फीचर फोन, ब्लूटूथ स्पीकर और वाहनों में डिजिटल रेडियो रिसीवर जोड़ने की तैयारी है। हालांकि इसके लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से स्पष्ट नीति की जरूरत बताई गई है। नोएडा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन एंड टेस्टिंग सेंटर ने एचडी रेडियो से लैस स्टैंडअलोन रिसीवर और ब्लूटूथ स्पीकर भी विकसित किए हैं, जिनकी कीमत आम लोगों को ध्यान में रखकर तय की गई है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि भारत में बड़ी संख्या में मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनने से डिजिटल रेडियो को तेजी से अपनाया जा सकता है। आंशिक स्तर पर भी इसे लागू किया गया, तो करोड़ों लोगों तक रेडियो पहुंच सकता है। इससे “हर जेब में रेडियो” का सपना एक बार फिर साकार हो सकता है।
निशा नारायणन ने कहा कि डिजिटल बदलाव लागत के लिहाज से किफायती होना चाहिए, ताकि मौजूदा ब्रॉडकास्टर्स सक्रिय रूप से जुड़ सकें और नए खिलाड़ियों के लिए भी प्रवेश आसान हो। वहीं इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन ने भी कहा कि साबित तकनीक, तैयार इकोसिस्टम और बाजार आधारित रणनीति अपनाना जरूरी है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में संयुक्त घोषणा पत्र सर्वसम्मति से स्वीकार

0
नई दिल्ली।  ब्रिक्‍स खेल मंत्रियों की बैठक का समापन आज आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हो गया। इसमें ब्रिक्‍स खेल संयुक्‍त घोषणा पत्र सर्वसम्‍मति...

नाथूला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न, 464 श्रद्धालु हुए शामिल

0
नई दिल्ली। सिक्क्मि के नाथूला दर्रे के रास्‍ते से होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा आज संपन्‍न हो गई। इसके माध्‍यम से 464 तीर्थ यात्रियों...

प्रधानमंत्री मोदी ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से नवाचार की वैश्विक छवि बनाने का आग्रह...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप्स ने सरकार में अपना विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र...

आईसीएआर महानिदेशक ने मृदा डेटाबेस को कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया

0
नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण और भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो द्वारा...

गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में भाग लेंगे

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में भाग लेंगे। दो दिवसीय यह...