29 C
Dehradun
Saturday, July 25, 2026


spot_img

ड्रोन दीदी-वंचित वर्ग की बेटियां ड्रोन पायलट बन भर रही हैं ऊंची उड़ान

देहरादून। पिथौरागढ़ की तनुजा वर्मा, गैरसैंण की रौशनी और उत्तरकाशी की जशोदा। ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक तौर पर कमजोर तबके से आने वाली इन तीनों युवतियों ने आज से कुछ समय पहले तक लैपटॉप तक नहीं चलाया था, लेकिन आज वो ड्रोन दीदी बनकर, ड्रोन असेम्बलिंग, रिपेयरिंग से लेकर फ्लाइंग तक का काम आसानी से कर रही हैं। ये संभव हो पाया है, उत्तराखंड सरकार के उपक्रम आईटीडीए कैल्क के ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स, ड्रोन दीदी से।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ग्रामीण और आर्थिक सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले युवाओं में तकनीकी कौशल बढ़ाने पर जोर रहे हैं। इसी क्रम में आईटीडीए कैल्क, भारत सरकार की वित्तीय सहायता और उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से, अनुसूचित जाति की युवतियों के लिए ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स संचालित कर रहा है। देहरादून में प्रांतीय युवा कल्याण निदेशालय परिसर में चल रहे इस कोर्स के पहले बैच की शुरुआत, छह जनवरी से हो चुकी है, जिसमें प्रदेश भर से 52 युवतियां शामिल हो रही हैं। कोर्स के तहत उन्हें 37 दिन में कुल 330 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसमें प्रशिक्षण से लेकर रहने, खाने और आने जाने का व्यय तक सरकार की ओर से उठाया जा रहा है।
पुरस्कार में मिलेंगे निशुल्क ड्रोनः उत्तराखंड सरकार, युवाओं को ड्रोन रिपेयरिंग और संचालन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ऋषिकेश और पिथौरागढ़ में दो आईटी स्किल ग्रोथ सेंटर संचालित कर रही है। देहरादून में चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम ऋषिकेश सेंटर के जरिए प्रदान किया जा रहा है। ऋषिकेश सेंटर के प्रभारी वीरेंद्र चौहान के मुताबिक कोर्स के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल प्रशिक्षणार्थियों को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, साथ ही प्रशिक्षण में प्रथम पांच स्थान पर रहे प्रशिक्षणार्थियों का निशुल्क ड्रोन भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुल 200 युवक-युवतियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है।
खुलेंगे रोजगार के अवसरः प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों का कहना है कि अब वो ड्रोन सेवाओं पर आधारित स्वरोजगार करने के साथ ही आपदा और चिकित्सा सेवा में भी सरकार को सहयोग प्रदान कर सकते हैं। इसमें से कुछ खुद का ड्रोन भी खरीदने की योजना बना रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उत्तराखंड के युवाओं को उच्च तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए सरकार कई योजना चला रही है। इसी क्रम में ड्रोन दीदी योजना भी संचालित की जा रही है। भविष्य में ड्रोन सेवाओं का दायरा बढ़ने वाला है, इसलिए हमारे पास इसके लिए पहले से ही प्रशिक्षित मानव बल उपलब्ध होगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाने के लिए मसौदा विधेयक...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायालय बनाने और कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने के लिए...

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार तक स्थगित

0
नई दिल्ली।  संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नीट परीक्षा पेपर लीक और छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर लगातार पांचवें दिन भी विपक्ष के...

नेशनल परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों को किया बर्खास्त

0
नई दिल्ली। नेशनल परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और...

प्रदेश सरकार ने आईएएस अफसरों के दायित्वों में किया फेरबदल

0
देहरादून। प्रदेश सरकार ने 11 आईएएस, आईएफएस अफसरों के विभागों में फेरबदल किया है। इनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। कार्मिक विभाग ने...

उरेड़ा का रिश्वतखोर परियोजना अधिकारी 40 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

0
देहरादून। विजिलेंस विभाग की टीम ने उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) बागेश्वर में तैनात परियोजना अधिकारी धीरेन्द्र सिंह पटवाल को 40 हजार रुपये...