नई दिल्ली: नई दिल्ली में भारत-मध्य एशिया संवाद के दौरान पांच देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही इन देशों ने मिलकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया और आतंकवाद फैलाने वालों, उनके मददगारों और फंड देने वालों को सजा दिलाने की मांग की। आतंकवाद के खिलाफ भारत अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को लेकर सख्त है। इसी बीच भारत को आतंकवाद के खिलाफ मध्य एशिया के पांच अन्य देशों का साथ भी मिला है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हुए भारत-मध्य एशिया संवाद में शुक्रवार को भारत और मध्य एशिया के पांच देशों कज़ाखिस्तान, किर्गिज़स्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही इन देशों ने मिलकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया और आतंकवाद फैलाने वालों, उनके मददगारों और फंड देने वालों को सजा दिलाने की मांग की।
यह बैठक भारत-मध्य एशिया संवाद के चौथे संस्करण के तहत हुई, जिसकी अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की। बैठक का मुख्य फोकस आतंकवाद के अलावा व्यापार, संपर्क, ऊर्जा, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर था।
बैठक के बाद भारत-मध्य एशिया संवाद में उपस्थित सभी विदेश मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मध्य एशियाई देशों के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को बहुत महत्व देता है और दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए तत्पर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा कि हम व्यापार, संपर्क, ऊर्जा, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और गहरा करने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे। हम आतंकवाद के खिलाफ अपनी साझा लड़ाई में पूरी तरह एकजुट और दृढ़ हैं।
संयुक्त बयान में सभी देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निर्दोष शब्दों में निंदा की और दोहराया कि आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही, आतंकवादियों, उनके समर्थकों, फाइनेंसरों और प्रचारकों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सजा दिलाने की मांग की गई। बैठक में संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन को जल्द लागू करने की भी मांग की गई और संयुक्त राष्ट्र के तहत वैश्विक आतंकवाद-रोधी प्रयासों को मजबूत करने की बात कही गई।
इतना ही नहीं इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और मध्य एशिया के मजबूत होते रिश्ते पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 2015 में सभी पांच मध्य एशियाई देशों की यात्राओं के बाद इन संबंधों को एक क्वांटम बूस्ट मिला है। आज दोनों पक्षों के बीच सीधी फ्लाइट्स हैं, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और मध्य एशियाई देश व्यापार, निवेश, रक्षा, संपर्क, सुरक्षा और नई तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत और मध्य एशियाई देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट, पहलगाम हमले के दोषियों को दंड का लिया संकल्प
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