31.3 C
Dehradun
Wednesday, August 12, 2026


spot_img

राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग का पलटवार: “लोकतंत्र और कानून का अपमान”

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने अपने तथ्यों और आंकड़ों के साथ जारी बयान में राहुल गांधी के आरोपों को ‘निराधार’ और ‘चुनाव प्रक्रिया में विश्वास को कमजोर करने वाला’ बताया है। यह प्रतिक्रिया 22 अप्रैल 2025 को जारी आधिकारिक खंडन के बाद सामने आई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप न केवल उनकी ही पार्टी के द्वारा नियुक्त एजेंटों की ईमानदारी पर सवाल उठाते हैं, बल्कि देशभर में तैनात लाखों मतदान अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की मेहनत का भी अपमान करते हैं। आयोग ने बताया कि देशभर में 10.5 लाख बूथ लेवल अधिकारी, 50 लाख मतदान कर्मी और 1 लाख से अधिक मतगणना पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया में लगे होते हैं। आयोग ने कहा कि राहुल गांधी का यह आरोप कि चुनाव में धांधली हुई, दरअसल उनके ही द्वारा नियुक्त बूथ एजेंटों और कांग्रेस प्रत्याशियों के अधिकृत मतदान व मतगणना एजेंटों की भूमिका पर सवाल खड़ा करता है।

सीसीटीवी फुटेज की जांच पर स्थिति स्पष्ट

चुनाव आयोग ने यह भी दोहराया कि मतदान केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच सक्षम उच्च न्यायालय द्वारा किसी भी चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान की जा सकती है। इससे चुनाव की पारदर्शिता सुनिश्चित होती है, साथ ही मतदाताओं की गोपनीयता की रक्षा भी की जाती है। आयोग ने सवाल उठाया कि आखिर राहुल गांधी मतदाता की गोपनीयता को क्यों खतरे में डालना चाहते हैं?

राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल

आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि अपने सार्वजनिक बयानों के बावजूद राहुल गांधी ने न तो चुनाव आयोग को कोई औपचारिक पत्र लिखा और न ही बैठक का समय मांगा। यह दर्शाता है कि जो मुद्दे वे सार्वजनिक मंच पर ‘गंभीर’ बता रहे हैं, उन्हें लेकर वे संस्थागत प्रक्रिया के तहत कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।

महाराष्ट्र चुनाव के आंकड़े पेश किए
आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जुड़े तथ्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उसने बताया कि 6.4 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया, और अंतिम दो घंटों में करीब 65 लाख मत पड़े, जो औसत रुझानों के अनुसार बिल्कुल सामान्य है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदान एजेंट ने स्क्रूटनी के दौरान कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई।

मतदाता सूचियों पर उठे सवालों को किया खारिज

चुनाव आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र चुनाव से पहले मतदाता सूचियों पर केवल 89 अपीलें जिला मजिस्ट्रेट के पास और सिर्फ 1 अपील राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दायर की गई थीं। ऐसे में अब सूचियों में गड़बड़ी के आरोपों को तथ्यहीन करार दिया गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों की अंतिम प्रति सभी राजनीतिक दलों को समय से उपलब्ध कराई गई थी, जिनमें कांग्रेस पार्टी को भी पूरी जानकारी दी गई थी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

संसद ने पारित किया अधिकरण सुधार विधेयक

0
नई दिल्ली। संसद ने अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। आज राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस...

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कई मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण...

0
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई। आज...

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 5 लाख से अधिक परिवार...

0
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि फरवरी 2024 में शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 5 लाख से...

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 का जल्द होगा शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल ‘मुख्यमंत्री...

तमक नाला-घटना का होगा वैज्ञानिक अध्ययन, सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों को...

0
देहरादून। जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग स्थित तमकनाला में 10 अगस्त 2026 को अत्यधिक जलप्रवाह एवं बड़ी मात्रा में मलबा आने की घटना...