25.9 C
Dehradun
Monday, March 16, 2026


spot_img

अंग प्रतिरोपण नियमों में सरकार ने किया बड़ा बदलाव, महिलाओं और मृत दाताओं के परिजनों को मिलेगा पहला हक

नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी है कि अंग प्रतिरोपण की प्रतीक्षा सूची में महिला मरीजों को प्राथमिकता दी जानी चाहिये, ताकि लैंगिक असमानता को दूर किया जा सके। इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी सुझाव दिया है कि अंग प्रतिरोपण की प्रतीक्षा कर रहे मृत दाताओं के करीबी रिश्तेदारों और संबंधियों को प्राथमिकता दी जाए।ये सुझाव स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन (नोओटीटीओ) की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी परामर्श में दिए गए हैं। यह परामर्श दो अगस्त को 15वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर अंगदान और प्रतिरोपण को बढ़ावा देने के लिए जारी किया गया था।
इस परामर्श में कहा गया है कि मृत अंगदाताओं का सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार किया जाए और उनके परिजनों को 15 अगस्त, 26 जनवरी, राज्य स्थापना दिवस आदि अवसरों पर राज्य/जिला स्तर के सार्वजनिक कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाए। इसमें आगे कहा गया है, ‘मृत दाता अंग प्रतिरोपण की प्रतीक्षा सूची में महिला मरीजों को अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान किया जाए, ताकि लैंगिक असमानता को दूर किया जा सके। यदि किसी मृत दाता के निकट संबंधी को अंग प्रतिरोपण की जरुरत है, तो उसे प्राथमिकता दी जाए।’
इसमें सभी ट्रॉमा सेंटर में अंग और ऊतक निकालने की सुविधाएं विकसित करने और उन्हें अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम (थोटा), 1994 के तहत अंग निकासी केंद्र के रूप में पंजीकृत करने का सुझाव दिया गया है। इसी तरह, राज्यों को चरणबद्ध तरीके से अपने-अपने मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की सलाह दी गई है। राज्यों से कहा गया है कि सड़क दुर्घटनाओं के शिकार और मस्तिष्काघात के मरीजों में संभावित मृत दाताओं की समय पर पहचान के लिए आपातकालीन सेवाकर्मियों और एंबुलेंस कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाए तथा इस बारे में अस्पताल के अंगदान समन्वयक को सूचित किया जाए।
इस परामर्श में राज्यों से एक ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने का सुझाव भी दिया गया है, जो जन जागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दे सके। एनओटीटीओ ने अंगदान और प्रतिरोपण कार्यक्रम में प्रतिरोपण समन्वयकों की अहम भूमिका को देखते हुए, अंग प्रतिरोपण या अंग निकासी करने वाले अस्पतालों में उनके लिए स्थायी पद सृजित करने की सिफारिश की है। अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि अंग विफलता के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हो रही है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और स्वास्थ्य प्रणाली पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा, ‘हर साल हजारों लोग अंग प्रतिरोपण के लिए प्रतीक्षा करते हैं। त्वरित जरूरत होने के बावजूद, प्रतीक्षा सूची में शामिल मरीजों की संख्या और उपलब्ध दाताओं की संख्या के बीच भारी अंतर बना हुआ है।’

spot_img

Related Articles

Latest Articles

नेपाल के गोरखा जिले में बस दुर्घटना में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत

0
नई दिल्ली। नेपाल के गोरखा जिले में कल शाम एक बस दुर्घटना में सात भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल...

सरकार ने पीएनजी कनेक्शन धारकों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का निर्देश दिया

0
नई दिल्ली।  पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) दोनों के कनेक्शन वाले परिवारों को...

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों से की...

0
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश...

निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, पुद्दुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण, पश्चिम बंगाल में...

0
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने आज असम, केरल, पुद्दुचेरी और तमिलनाडु में एक चरण में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा की, जबकि पश्चिम बंगाल...

लोक भवन में पारंपरिक रूप से मनाया गया लोकपर्व फूलदेई

0
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में उत्तराखण्ड के पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई को हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ...