11 C
Dehradun
Wednesday, January 21, 2026


इनसाइडर ट्रेडिंग की आशंका दूर करने के लिए अनुपालन सख्त करें बैंक’: सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडेय

नई दिल्ली: सेबी प्रमुख ने सूचीबद्ध बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि इनसाइडर ट्रेडिंग का जोखिम वहां पनपता है, जहां नियंत्रण कमजोर होता है, जहां प्रक्रियाएं अस्पष्ट होती हैं, जिम्मेदारियां तय नहीं होती हैं और निगरानी सही ढंग से नहीं होती है। उन्होंने इससे बचने के लिए बैंक प्रमुख आगे क्या कहा, आइए जानते हैं विस्तार से।
इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए बने नियमों का पालन करना बैंक प्रबंधन की नैतिक जिम्मेदारी है। बैंकों की ओर से ऐसे उल्लंघनों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए आंतरिक नियंत्रण को भी मजबूत करने की जरूरत है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बुधवार को यह बात कही।
सेबी प्रमुख ने सूचीबद्ध बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से कहा, “इनसाइडर ट्रेडिंग का जोखिम वहां पनपता है, जहां नियंत्रण कमजोर होता है, जहां प्रक्रियाएं अस्पष्ट होती हैं, जिम्मेदारियां तय नहीं होती हैं, और निगरानी सही ढंग से नहीं होती है।” उन्होंने कहा कि कमजोर नियंत्रण कई तरक की धोखाधड़ी के पीछे का प्रमुख कारण होता है।
सेबी प्रमुख का यह बयान जून में नियामक की ओर से इंडसइंड बैंक के कुछ शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ इनसाइडर ट्रेडिंग मानदंडों के उल्लंघन के लिए जारी किए गए अंतरिम आदेश की पृष्ठभूमि में आया है। नियामक की जांच में पता चला था कि बैंक के एमडी व सीईओ और डिप्टी सीईओ सहित कुछ सीनियर अधिकारियों ने कथित तौर पर इंडसइंड बैंक के शेयरों में कारोबार किया। इस दौरान उनके पास बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो के खाता शेष में विसंगतियों से जुड़ी अप्रकाशित व कीमतों के प्रति संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) मौजूद थी।
सेबी प्रमुख ने बैंकों से कहा कि वे यूपीएसआई (Unpublished Price-Sensitive Information) की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी दी कि बैठकों या ईमेल के जरिए की गई अनौपचारिक या अनौपचारिक जानकारी भी गंभीर उल्लंघन मानी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “एक भी लीक कुछ ही सेकंड में डिजिटल नेटवर्क पर फैल सकती है और ऐसी स्थिति में स्टॉक की कीमतों, निवेशकों के विश्वास या आपके बैंक की प्रतिष्ठा को हुए नुकसान की भरपाई करने का कोई तरीका नहीं है।”
पांडेय ने बैंकों को यह भी याद दिलाया कि वे दोहरी जिम्मेदारी निभाते हैं। एक तो वे स्वयं सूचीबद्ध संस्थाओं के रूप में बाजार से जुड़े हैं और दूसरी तरफ अन्य सूचीबद्ध कंपनियों की संवेदनशील जानकारी के भी वे संरक्षक हैं। पांडे ने कहा कि भेदिया व्यापार निषेध (पीआईटी) के अंतर्गत अनुपालन अधिकारी की भूमिका होनी चाहिए। नियमों का अनुपालन केवल एक कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। सेबी प्रमुख ने जोर देकर कहा कि यह भूमिका कभी भी प्रतीकात्मक नहीं होनी चाहिए। बोर्डों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अनुपालन अधिकारियों को अधिकार, प्रशिक्षण, उपकरण और नेतृत्व से स्पष्ट समर्थन प्राप्त हो ताकि वे नियमों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनुपालन अधिकारी की निगरानी को कभी नजरअंदाज न करें।”
पांडे ने बैंकों से मजबूत अनुपालन के लिए तकनीक का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वचालित ट्रेडिंग विंडो प्रबंधन, केंद्रीकृत पूर्व-मंजूरी और प्रकटीकरण पोर्टल, और डिजिटल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन प्लेटफ़ॉर्म, अनुपालन जोखिमों को काफ़ी हद तक कम कर सकते हैं। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि संवेदनशील अवधियों के दौरान ट्रेडों की निगरानी के लिए तकनीकी समाधान विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे उपायों से अनुपालन टीमों पर बोझ कम होगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भाजपा अध्यक्ष बनते ही चुनावी मोड में आए नितिन नवीन; कई राज्यों के चुनाव...

0
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालते ही संगठन को सीधे चुनावी मोड में डाल दिया है।...

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बोलीं: दुनिया में चल रही ‘स्पेस रेस’, लक्ष्य है चांद...

0
नई दिल्ली: प्रसिद्ध अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा है कि इस समय दुनिया में एक तरह की ‘स्पेस रेस’ जरूर चल रही...

बांग्लादेश के हालात और बिगड़ेंगे?: भारत का बड़ा फैसला, अधिकारियों के परिवारों को वापस...

0
नई दिल्ली। कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात...

भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की पहली बड़ी बैठक, विकसित भारत बनाने...

0
नई दिल्ली। नितिन नवीन को 20 जनवरी को औपचारिक तौर पर भाजपा का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही भाजपा...

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री धामी के...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश...