17.3 C
Dehradun
Tuesday, May 5, 2026


spot_img

एयर डिफेंस सिस्टम, एंटी-शिप मिसाइल और ड्रोन… भारतीय नौसेना बढ़ाने वाली है कई गुना ताकत

नई दिल्ली। समुद्र के साथ-साथ जमीन और आसमान में अपनी ताकत को कई गुना बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना अब तक के सबसे बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने जा रही है। इसके तहत चार बड़े आकार के एंफीबियस युद्धपोत तैयार किए जाएंगे। इन पर 80 हजार करोड़ की लागत आएगी। इसके लिए जल्दी ही टेंडर जारी किए जाने की संभावना है।
एंफीबियस युद्धपोत जमीन और समुद्र में देश की सामरिक क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगे। इन युद्धपोतों को लैंडिंग प्लेटफॉर्म डाक (एलपीडी) भी कहा जाता है। इन पर हाइटेक एयर डिफेंस सिस्टम लगाया जाएगा। इससे ये युद्धपोत किसी भी तरह के हवाई हमलों से सुरक्षित रहेंगे।
इसके अलावा, इनमें लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल और ड्रोन जैसी आक्रामक क्षमताएं भी होंगी। नौसेना युद्धपोतों से फिक्स्ड-विंग नेवी ड्रोन संचालित करने की क्षमता भी विकसित करना चाहती है। साथ ही इन ड्रोन को कमांड और कंट्रोल सेंटर के तौर पर भी इस्तेमाल करना चाहती है ताकि समुद्र से सतह पर लंबे समय तक आपरेशन चलाया जा सके। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि नौसेना के प्रस्ताव पर विचार के लिए जल्दी ही उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। यह परियोजना देश में सतह के युद्धपोतों के निर्माण के लिए सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक होगी। इस अनुबंध में भारतीय शिपबिल्डर्स प्रमुख भूमिका निभाएंगे, जिसमें एलएंडटी, मजगांव डाकयार्ड, कोचिन शिपयार्ड और हिंदुस्तान शिपबिल्डर्स लिमिटेड जैसे प्रमुख दावेदारों की भागीदारी देखने को मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय शिपबिल्डर्स जैसे नवांटिया, नेवल ग्रुप और फिनकांटियरी को युद्धपोतों के डिजाइन के लिए साझेदार बनने की संभावना है। ये युद्धपोत देश में ही बनाए और एकीकृत किए जाएंगे। नौसेना चाहती है कि इन युद्धपोतों में दायरे से हटकर आकस्मिक अभियान चलाने की भी क्षमता हो। साथ ही संचालन क्षेत्र में बड़े आकार के सैन्य बलों को ले जाने और तैनात करने की खूबी हो।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

डेढ़ करोड़ के हाथी दांत के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, एसटीएफ ने उधमसिंहनगर के...

0
देहरादून। वन्य जीव तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए एसटीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके पास से एक हाथी...

गढ़वाल आयुक्त ने किया केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण

0
रुद्रप्रयाग। गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडेय और गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का व्यापक...

ऋषिकुल, हरिद्वार में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जाएगाः...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के...

मुख्य सचिव ने की प्रदेश के रोपवे प्रोजेक्ट की समीक्षा

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न...

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नीति अनुसंधान परिषद...

0
दिल्ली : विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दिल्ली में जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नीति अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष ताकायुकु कोबायाशी से मुलाकात...