10.9 C
Dehradun
Tuesday, January 20, 2026


अगले हफ्ते से देशभर में शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण

नई दिल्ली। देशभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान अगले हफ्ते से शुरू होने जा रहा है। चुनाव आयोग (ईसी) अगले हफ्ते के मध्य तक इसके पहले चरण की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित या दोहराए गए नामों को हटाने और नई प्रविष्टियां जोड़ने का काम होगा।
सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण में 10 से 15 राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू होगी। इनमें वे राज्य शामिल होंगे जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, जैसे असम, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल। हालांकि, जिन राज्यों में इस समय स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या होने वाले हैं, वहां फिलहाल यह प्रक्रिया नहीं होगी, क्योंकि स्थानीय स्तर का प्रशासन चुनावी कामकाज में व्यस्त रहेगा।
बिहार में हाल ही में यह विशेष पुनरीक्षण पूरा हुआ है। वहां अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई, जिसमें लगभग 7.42 करोड़ नाम दर्ज हैं। इस दौरान करीब 50 लाख नाम हटाए गए- जिनमें मृत मतदाता, घर बदलने वाले लोग या दोहराए गए नाम शामिल थे।
हर राज्य में पिछली बार हुए एसआईआर को कटऑफ वर्ष माना जाएगा। जैसे बिहार में 2003 की सूची को आधार बनाया गया था, वैसे ही अन्य राज्यों में भी पिछली एसआईआर सूची को मानक के रूप में अपनाया जाएगा। ज्यादातर राज्यों में पिछला एसआईआर 2002 से 2004 के बीच हुआ था। अब वर्तमान मतदाताओं की तुलना उसी समय की सूची से की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि कौन से नाम हटाने या सत्यापित करने की जरूरत है। चुनाव आयोग और कुछ राजनीतिक दलों के अनुसार, इस विशेष पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ‘विदेशी अवैध प्रवासियों को मतदाता सूची से हटाना’ है। खासतौर पर बांग्लादेश और म्यांमार से आए लोगों की जांच की जाएगी। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे संप्रदायिक और भेदभावपूर्ण बताते हुए चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया गरीब, विस्थापित और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
चुनाव आयोग अब तक दो बार राज्य चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक कर चुका है। कई राज्यों ने अपनी पुरानी मतदाता सूचियां वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी हैं ताकि लोग उन्हें देखकर अपनी प्रविष्टियां जांच सकें। दिल्ली में भी 2008 की सूची वेबसाइट पर डाली गई है, जबकि उत्तराखंड ने 2006 की सूची जारी की है। इस राष्ट्रीय अभियान से चुनाव आयोग को उम्मीद है कि देशभर में मतदाता सूची अधिक शुद्ध और पारदर्शी बन सकेगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

त्योहारों के दौरान हवाई किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और...

0
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्योहारों के दौरान हवाई किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की। शीर्ष अदालत ने कहा कि...

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, अलग-अलग इमरजेंसी नंबरों से छुटकारा; अब एक ही नंबर...

0
नई दिल्ली। दिल्ली में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, त्वरित और तकनीक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है।...

भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार: पीएम मोदी-शेख नाहयान के बीच बैठक

0
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे।...

निर्विरोध भाजपा अध्यक्ष चुने गए नितिन नवीन, उनके अलावा किसी और का नामांकन नहीं

0
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नितिन नवीन निर्विरोध भाजपा अध्यक्ष चुने...

नंदा गौरा और महिला स्वरोजगार योजना का पैसा फरवरी मेंः रेखा आर्या

0
देहरादून। पहली बार शुरू की गई एकल महिला स्वरोजगार योजना और नंदा गौरा योजना के लाभार्थियों को पैसा फरवरी के पहले सप्ताह में मिल...