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Thursday, January 22, 2026


स्टार्टअप इंडिया का दबदबा! 10 करोड़ डॉलर के क्लब में भारत के 166 युवा उद्यमी, चीन को छोड़ा पीछे

मुंबई: भारत ने युवा उद्यमियों की ओर से चलाई जा रही उच्च-मूल्य (हाई-वैल्यू) वाली कंपनियों की संख्या में चीन को पीछे छोड़ दिया है। खासकर 40 साल या उससे कम उम्र के ऐसे उद्यमियों के मामले में, जिन्होंने अपने दम पर 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य की कंपनियां खड़ी की हैं। एवेंडस वेल्थ हुरुन इंडिया यूटीएच सीरीज-2025 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 10 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य वाली कंपनियां बनाने वाले 40 साल या उससे कम उम्र के उद्यमियों की संख्या 166 है, जबकि चीन में सिर्फ 140 युवा संस्थापक ही हैं। हालांकि, 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा मूल्य वाली कंपनियां चलाने वाले अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जेनरेशन) के उद्यमियों की संख्या भारत के मुकाबले अधिक है।
35 है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 40 साल से कम उम्र के ऐसे उद्यमियों की संख्या चीन के मुकाबले अधिक है, जिन्होंने 10 करोड़ डॉलर की कंपनियां बनाई हैं या 20 करोड़ डॉलर से अधिक वैल्यू वाली इकाई चला रहे हैं। भारत में ऐसे उद्यमियों की संख्या 201 है, जो चीन के 194 की तुलना में अधिक है। इसके अलावा, भारत में पहली पीढ़ी के 83 फीसदी उद्यमी हैं, जबकि चीन में यह संख्या 72 फीसदी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी पोर्ट्स एंड सेज के 38 वर्षीय करण अदाणी 201 भारतीय युवा उद्यमियों की सूची में सबसे ऊपर हैं। एल्केमी के निखिल विश्वनाथन दूसरे और अपोलो हॉस्पिटल्स के हर्षद रेड्डी तीसरे स्थान पर हैं। 31 लाख करोड़ की कंपनियों का नेतृत्व करते हैं भारतीय
हुरुन ने कहा, सूची में शामिल उद्यमी संयुक्त रूप से 357 अरब डॉलर (31 लाख करोड़ रुपये) की कंपनियों का नेतृत्व करते हैं, भारतीय जीडीपी का लगभग 11वां हिस्सा है। ये कंपनियां कुल मिलाकर 4.43 लाख लोगों को रोजगार देती हैं। अपोले हॉस्पिटल्स 42,497 लोगों को रोजगार देने के साथ अग्रणी है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत और चीन में युवा उद्यमी जिन मुख्य इंडस्ट्रीज में काम करते हैं, वे दोनों देशों में एक जैसी हैं। इनमें ज्यादातर कंपनियां सॉफ्टवेयर उत्पाद और सेवा क्षेत्र में हैं। हुरुन इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा, नई पीढ़ी भारत में करियर की ऊंचाइयों को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। इसमें 30 साल की उम्र के बीच के कई लोग पहले से ही सैस (सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस), फिनटेक, हेल्थकेयर, स्वच्छ ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कंज्यूमर ब्रांड्स जैसे क्षेत्रों में शानदार तरीके से बिजनेस चला रहे हैं और सबसे आगे हैं।

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