नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका और इस्राइल मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर रहे हैं। ईरान ने भी पलटवार किया है। आज तीसरे दिन भी ईरान की राजधानी तेहरान समेत पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में धमाके हुए। हालात लगातार बदल रहे हैं। संघर्ष से उपजे चिंताजनक हालात के बीच पीएम मोदी ने बहरीन और सऊदी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा की है। इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि युद्ध अंतहीन नहीं है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने होरमुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिका से जुड़े एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया। गार्ड के अनुसार ATHE NOVA नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। यह कार्रवाई अमेरिका-इस्राइल हमलों के जवाब में की गई बताई गई है। इससे पहले ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को बंद करने का भी दावा किया था। दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों ने ईरान के अंदर गहराई तक जाकर सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना था। सेंट्रल कमांड ने बताया कि कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों के तहत की गई। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर क्षेत्रीय खतरे को कम करने की कोशिश की जा रही है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश की नई परमाणु रणनीति के तहत बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस अब सहयोगी देशों को अपने परमाणु हथियारों से लैस विमानों की अस्थायी तैनाती की अनुमति देगा। मैक्रों ने कहा कि इस रुख के तहत हमारी रणनीतिक वायु सेना के कुछ हिस्सों को सहयोगी देशों में अस्थायी रूप से तैनात किया जा सकेगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के संबंध में किसी भी अन्य देश के साथ निर्णय लेने में कोई साझेदारी नहीं होगी। मैक्रों ने बताया कि इस तरह की व्यवस्थाओं को लेकर ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, ग्रीस, स्वीडन और डेनमार्क के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है।
नाटो महासचिव मार्क रुटे ने स्पष्ट किया है कि ईरान को लेकर जारी क्षेत्रीय संघर्ष में नाटो गठबंधन सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा। ब्रसेल्स में जर्मनी के एआरडी टीवी से बातचीत में रुटे ने अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नाटो के तौर पर युद्ध में शामिल होने की कोई योजना नहीं है, भले ही कुछ सदस्य देश अलग से समर्थन दें।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में एक ईंधन भंडारण स्टेशन पर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। अबू धाबी मीडिया कार्यालय के अनुसार मुसाफ्फाह स्थित फ्यूल टैंक टर्मिनल को निशाना बनाया गया था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और ईंधन आपूर्ति या संचालन पर भी कोई असर नहीं पड़ा है। मामले की जांच जारी है।
ईरान में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल सईद रेजा मोतलाग ने कहा कि भारतीय छात्रों को देश छोड़ने के लिए किसी विशेष अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट बंद हैं, इसलिए छात्र अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों की जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान से बाहर जा सकते हैं। छात्रों को केवल पासपोर्ट साथ रखना होगा और निकासी प्रक्रिया में सहयोग दिया जाएगा।

















