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Wednesday, July 29, 2026


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राज्यसभा ने 59 सदस्यों को दी विदाई; प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान को प्रासंगिक और मूल्यवान बताया

नई दिल्ली। राज्यसभा ने 20 राज्यों के 59 सदस्यों को विदाई दी। इनमें 9 महिला सदस्य शामिल थीं। विदाई समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी विराम नहीं लगता, राष्ट्र के प्रति उनका अनुभव और योगदान हमेशा प्रासंगिक और मूल्यवान रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सदन स्वयं एक मुक्‍त विश्वविद्यालय है और यह राष्ट्रीय जीवन के अनेक सूक्ष्म पहलुओं से समृद्ध होने का अवसर प्रदान करता है।

श्री मोदी ने सेवानिवृत्त हो रहे उपसभापति हरिवंश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने एच.डी. देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खडगे और शरद पवार के सदन में बहुमूल्य योगदान को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद के नए सदस्यों को उनसे सीखना चाहिए कि कैसे समर्पण के साथ सदन में आना है, यथासंभव योगदान देना है और समाज द्वारा दी गई जिम्मेदारियों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध रहना है।

इससे पहले सदन के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि हर दो साल में राज्यसभा के एक तिहाई सदस्यों की सेवानिवृत्ति राज्य परिषद की संवैधानिक संरचना को दर्शाती है, जो संस्थागत स्थिरता बनाए रखते हुए अनुभवी सांसदों को नए सदस्यों के लिए जगह बनाने की अनुमति देती है।

सभापित ने कहा कि सदस्यों की सेवानिवृत्ति को अंत नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और सार्वजनिक भूमिकाओं की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए।

राज्यसभा में सेवानिवृत्त सांसदों को विदाई देते हुए विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग देश की सेवा के जुनून के कारण न तो थकते हैं और न ही सेवानिवृत्त होते हैं।

उपसभापति हरिवंश ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय मुद्दों पर आम सहमति का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है, उसके बाद राजनीतिक दल। उन्होंने संसद के कामकाज में योगदान देने वाले सामूहिक प्रयासों को स्वीकार किया और सभी दलों से मिले सहयोग की सराहना की।

युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी के सांसद अयोध्या रामी रेड्डी अल्ला ने सभापति से कहा कि संसद का प्रभाव बढ़ाने के लिए मुद्दों पर चर्चा हेतु नियमित सत्र आयोजित किए जाने चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि सेवानिवृत्त सदस्य अपने सार्वजनिक जीवन को जारी रखने के लिए नई भूमिकाओं की ओर बढ़ रहे हैं।

द्रविड मुन्नेत्र कशगम के तिरुचि शिवा ने इस क्षण को “मार्ग का अंत नहीं, बल्कि मार्ग का एक मोड़” बताया और विश्वास जताया कि सेवानिवृत्त सदस्य सार्वजनिक जीवन में अपना योगदान जारी रखेंगे।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि विदाई के क्षण दुखदायी और भावुक होते हैं। बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने कहा कि ऐसे अवसर इस बात को रेखांकित करते हैं कि राजनीतिक मतभेदों से परे, सदस्य सार्वजनिक सेवा के प्रति साझा प्रतिबद्धता के साथ एकजुट हैं। विदाई समारोह के बाद सदन को सोमवार सुबह 11 बजे तक स्‍थगित कर दिया गया है।

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