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Wednesday, September 2, 2026


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भारत से लगी सीमा पर नेपाल ने बढ़ाई सिक्योरिटी

पिथौरागढ़। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद लगातार हर क्षेत्र में बदलाव दिखाई दे रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को लेकर नेपाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय सीमा से सटे कैलाली, कंचनपुर और बैतड़ी जिलों में 240 अतिरिक्त सशस्त्र जवान तैनात किए गए हैं। नेपाल का यह कदम सीधे तौर पर मानव तस्करी और सामान की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने से जुड़ा माना जा रहा है।
दरअसल पिछले दिनों बड़ी मात्रा में भारत से तस्करी कर लाया जा रहा सामान नेपाल पुलिस ने पकड़ा था। नेपाल ने भारतीय सीमा से लगे तीन जिलों की चौकियों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैलाली और कंचनपुर में 90-90 जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। बैतड़ी जिले में 60 जवान भेजे गए हैं।
पहले एक चौकी पर 12 से 15 जवान तैनात रहते थे। अब इस संख्या को बढ़ाकर करीब 30 किया जा रहा है। यानी बॉर्डर चौकियों पर निगरानी दोगुनी बढ़ा दी गई है। नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरंग ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद सशस्त्र पुलिस बल के प्रमुख राजू अर्याल ने भी कैलाली बॉर्डर पर सख्त निगरानी रखने के आदेश जारी किये हैं। बैतड़ी जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सीमा पर लगातार सामने आ रहे तस्करी के मामलों को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की मांग की गई थी। अब इनकी तैनाती से अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल के बैतड़ी और दार्चुला जिले उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सटे हैं। इनकी सीमा काली नदी तय करती है। कंचनपुर जिला, चंपावत और उधमसिंह नगर से जुड़ा है। नेपाल के सुदूर पश्चिमी क्षेत्र में कुल 9 जिले आते हैं। इनमें अछाम, बैतड़ी, बझांग, बाजुरा, डडेलधुरा, दार्चुला, डोटी, कैलाली और कंचनपुर हैं। भारत-नेपाल की खुली सीमा लंबे समय से मानव तस्करी और अवैध सामान की आवाजाही के लिए संवेदनशील मानी जाती रही है। सीमावर्ती इलाकों में कई बार महिलाओं और बच्चों की तस्करी के मामलों के साथ-साथ खाद्य पदार्थ, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स और मवेशियों की अवैध ढुलाई पकड़ी जा चुकी है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, पहाड़ी और नदी क्षेत्रों के कारण कई जगहों पर निगरानी चुनौतीपूर्ण रहती है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय रहते हैं। यही वजह है कि समय-समय पर दोनों देशों की एजेंसियां संयुक्त कार्रवाई भी करती रही हैं।
नेपाल द्वारा सीमा पर अतिरिक्त सशस्त्र जवानों की तैनाती को न सिर्फ निगरानी बढ़ाने, बल्कि तस्करी के नेटवर्क पर सीधी कार्रवाई के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। नेपाल के द्वारा सीमा पर कड़ी निगरानी को देखते हुए भारतीय क्षेत्र में स्थित झूलाघाट, जौलजीबी, धारचूला में भी एसएसबी के द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पिछले दिनों झूलाघाट में एक मृतक नेपाली के शव को संदिग्ध होने पर वापस लौटा दिया गया था।

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