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Friday, August 28, 2026


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बाल कल्याण परिषद को नई सोच और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना होगाः राज्यपाल

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद की 17वीं बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक पवित्र दायित्व है। उन्होंने कहा ऐसे बच्चे, जिनके पास संसाधनों, संरक्षण एवं अवसरों का अभाव है, उनके जीवन को संवारने के लिए संवेदनशील एवं सक्रिय प्रयास आवश्यक हैं। राज्यपाल ने परिषद के सदस्यों से अधिक उत्साह, सक्रिय सहभागिता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद जैसी ऐतिहासिक संस्था को समय के अनुरूप नई सोच, नई कार्यशैली और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, अधिकार एवं कल्याण को केंद्र में रखकर कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में बाल कल्याण गतिविधियों को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी “बाल कल्याण केंद्र” विकसित किए जाएं, जिससे जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं एवं सहायता का लाभ बेहतर ढंग से पहुंच सके। इसके लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर बाल कल्याण केंद्र हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि हमें बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कर संतुष्ट नहीं होना चाहिए बल्कि आज आवश्यकता इस बात की है कि बच्चों को 21वीं सदी की चुनौतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विकसित भारत के विजन के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी से अधिक आवश्यकता सकारात्मक सोच और सामाजिक सहभागिता की है। उन्होंने सीएसआर एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से बाल कल्याण गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में राज्यपाल ने परिषद के नव नियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों से एक माह के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनः समीक्षा बैठक आयोजित कर बाल कल्याण के क्षेत्र में प्रभावी एवं परिणाम मूलक निर्णय लिए जाएंगे।
बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के फलस्वरूप भंग करते हुए नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर डॉ. एस. फारुख, उपाध्यक्ष पद पर श्री मोहन सिंह खत्री एवं श्रीमती पुष्पा मानस, महासचिव पद पर आशा पैन्यूली, कोषाध्यक्ष पद पर रोहित कोचगवे एवं संयुक्त सचिव पद पर ज्योत्सना खत्री को चुना गया है। बैठक में राज्यपाल ने बाल कल्याण परिषद के वर्ष 2026-27 के अनुमानित आय एवं व्यय पर अनुमोदन करने के साथ ही विभिन्न बिंदुओं पर अपनी सहमति दी। बैठक में निवर्तमान महासचिव पुष्पा मानस ने कार्यकारिणी की 16वीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि व अनुमोदन प्राप्त किया और विगत वर्ष में किये गए क्रियाकलापों और गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद के निवर्तमान वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश बाबला, उपाध्यक्ष मधु बेरी, कोषाध्यक्ष डॉ. आशा श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव कमलेश प्रसाद भट्ट, सहित परिषद के विभिन्न पदाधिकारी, सदस्य व जिला कार्यकारिणी के सदस्य भी उपस्थित थे।

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